Suresh Gopi ने Tamil Nadu की Energy Projects की समीक्षा की, BPCL और GAIL पाइपलाइन प्रोजेक्ट्स पर फोकस

केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस तथा पर्यटन राज्य मंत्री Suresh Gopi ने कोयंबटूर में तमिलनाडु की प्रमुख ऊर्जा अवसंरचना परियोजनाओं की समीक्षा की। बैठक में BPCL, GAIL और अन्य एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। समीक्षा में BPCL की Irugur–Devanagonthi Multi Product Pipeline, GAIL की Kochi–Koottanad–Bangalore–Mangalore Gas Pipeline तथा CGD परियोजनाओं की प्रगति और लंबित मुद्दों पर चर्चा हुई।

केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस तथा पर्यटन राज्य मंत्री Suresh Gopi ने तमिलनाडु में चल रही प्रमुख ऊर्जा अवसंरचना परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। यह समीक्षा बैठक कोयंबटूर में आयोजित की गई, जिसमें BPCL, GAIL, राज्य सरकार और अन्य संबंधित एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

बैठक में BPCL के निदेशक (मार्केटिंग) Subhankar Sen भी उपस्थित रहे और उन्होंने परियोजनाओं की प्रगति तथा चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा की।

इन प्रमुख परियोजनाओं की हुई समीक्षा

समीक्षा बैठक में जिन प्रमुख परियोजनाओं पर चर्चा हुई, उनमें शामिल हैं:

  • BPCL की Irugur–Devanagonthi Multi Product Pipeline Project
  • GAIL की Kochi–Koottanad–Bangalore–Mangalore Natural Gas Pipeline Project
  • BPCL की Erode और Nilgiris जिलों की City Gas Distribution (CGD) Project

ईंधन आपूर्ति और लॉजिस्टिक्स को मिलेगा बढ़ावा

BPCL की Irugur–Devanagonthi Multi Product Pipeline परियोजना को क्षेत्रीय ऊर्जा आपूर्ति को मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है। यह पाइपलाइन परियोजना ईंधन परिवहन की दक्षता बढ़ाने और तमिलनाडु की बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएगी।

परियोजना के पूर्ण होने से लॉजिस्टिक्स लागत में कमी आने के साथ-साथ सुरक्षित और निर्बाध ईंधन आपूर्ति सुनिश्चित होने की उम्मीद है।

भूमि और अनुमति संबंधी मुद्दों पर चर्चा

बैठक में तमिलनाडु सरकार, जिला प्रशासन, NHAI, State Highways, GAIL, BPCL और अन्य हितधारकों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। चर्चा के दौरान भूमि अधिग्रहण, वैधानिक मंजूरियों और परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के उपायों पर विशेष फोकस किया गया।

सुरेश गोपी ने तेज़ समन्वय पर दिया जोर

केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी ने परियोजनाओं में आ रही बाधाओं के शीघ्र समाधान और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय पर बल दिया। उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं सार्वजनिक हित और राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

सभी हितधारकों ने परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने और आवश्यक सहयोग सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता दोहराई।