भ्रष्टाचार रोकथाम, पारदर्शिता और सुशासन को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) मुख्यालय में ‘प्रिवेंटिव विजिलेंस’ (Preventive Vigilance) विषय पर एक इंटरैक्टिव सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) के सलाहकार श्री राजीव वर्मा ने अधिकारियों को सतर्कता प्रशासन, जोखिम प्रबंधन और पारदर्शी कार्यप्रणाली के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी।
कार्यक्रम में सीसीएल के सीएमडी श्री नीलेंदु कुमार सिंह, निदेशकगण, मुख्य सतर्कता अधिकारी (CVO), महाप्रबंधक, विभागाध्यक्ष तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

भ्रष्टाचार रोकने के लिए जोखिमों की समय रहते पहचान जरूरी: राजीव वर्मा
सत्र को संबोधित करते हुए श्री राजीव वर्मा ने कहा कि किसी भी संगठन में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को रोकने के लिए संभावित जोखिमों, कमजोरियों और उभरती चुनौतियों की समय रहते पहचान करना आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि प्रिवेंटिव विजिलेंस केवल अनियमितताओं की जांच तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसी व्यवस्थाएं विकसित करने पर भी केंद्रित है जो भ्रष्टाचार की संभावनाओं को पहले ही समाप्त कर दें।
आईसीसीसी का किया निरीक्षण, डिजिटल गवर्नेंस की सराहना
सीसीएल मुख्यालय प्रवास के दौरान श्री वर्मा ने इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) का भी दौरा किया।
आईसीसीसी में प्रमुख अवलोकन
- डिजिटल गवर्नेंस व्यवस्था का निरीक्षण
- तकनीक आधारित निगरानी तंत्र की समीक्षा
- पारदर्शिता बढ़ाने वाले डिजिटल प्लेटफॉर्म का मूल्यांकन
- परिचालन दक्षता में तकनीकी नवाचारों की सराहना
उन्होंने सीसीएल द्वारा तकनीक के माध्यम से पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के प्रयासों की प्रशंसा की।
चार्जशीट फ्रेमिंग और शिकायत निवारण पर विशेष प्रशिक्षण
इसके बाद सीसीएल एवं सीएमपीडीआईएल (CMPDIL) के सतर्कता अधिकारियों के लिए ‘चार्जशीट फ्रेमिंग एवं शिकायत निवारण’ विषय पर विशेष सत्र आयोजित किया गया।
इस दौरान श्री वर्मा ने निम्न विषयों पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया—
प्रशिक्षण के प्रमुख विषय
- चार्जशीट तैयार करने की प्रक्रिया
- शिकायतों के निष्पक्ष निपटान के मानक
- सतर्कता जांच में समयबद्धता का महत्व
- प्रक्रियागत शुद्धता और पारदर्शिता
- निष्पक्ष एवं प्रभावी सतर्कता प्रशासन
सत्र के प्रमुख संदेश
कार्यक्रम के दौरान निम्नलिखित प्रमुख संदेश साझा किए गए—
Key Takeaways
- ईमानदारी ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है
- पारदर्शिता से विश्वास का निर्माण होता है
- जवाबदेही उत्कृष्टता सुनिश्चित करती है
- भ्रष्टाचार के प्रति शून्य सहिष्णुता आवश्यक है
सतर्कता जागरूकता और सुशासन को मिलेगा बढ़ावा
सीसीएल प्रबंधन के अनुसार यह सत्र अधिकारियों को सतर्कता संबंधी प्रक्रियाओं, जोखिम प्रबंधन और शिकायत निवारण तंत्र की बेहतर समझ प्रदान करने में उपयोगी साबित हुआ। कार्यक्रम ने संगठन में पारदर्शिता, जवाबदेही और नैतिक प्रशासन को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
कार्यक्रम का समापन “Vigilant Today, Secure Tomorrow” के संदेश के साथ हुआ।
