BCCL ने बेलघरिया टाउनशिप फेज 4–6 का किया निरीक्षण, JRDA के तहत पुनर्वास प्रक्रिया तेज करने पर जोर
भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) की एक टीम ने बेलघरिया टाउनशिप के फेज 4, 5 और 6 का व्यापक निरीक्षण किया। इस दौरान झरिया पुनर्वास एवं विकास प्राधिकरण (JRDA) के तहत चल रहे पुनर्वास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई।
यह निरीक्षण धनबाद के उपायुक्त के निर्देश पर किया गया, जिसका नेतृत्व बारोरा एरिया के रीजनल जनरल मैनेजर के.के. सिंह ने किया। उनके साथ कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे, जिनमें आलोक कुमार (नोडल अधिकारी, JMP), अशलोक कुमार सिंह, प्रेम कुमार राय (R&R टीम), यश सुरेना (असिस्टेंट मैनेजर, सिविल) और रंजीत कुमार सिंह शामिल थे। JRDA के सिविल मैनेजर राजेश कुमार ने भी निरीक्षण के दौरान सक्रिय सहयोग दिया।
इंफ्रास्ट्रक्चर और बुनियादी सुविधाओं की समीक्षा
निरीक्षण के दौरान टीम ने LTH (लॉन्ग-टर्म हाउसिंग) और नॉन-LTH परिवारों के लिए विकसित की जा रही सुविधाओं का जायजा लिया। इसमें आवासीय यूनिट, सड़क नेटवर्क, पेयजल आपूर्ति, बिजली व्यवस्था, ओवरहेड टैंक, स्ट्रीट लाइट और स्किल डेवलपमेंट सेंटर जैसी सुविधाएं शामिल थीं।
अधिकारियों ने इन सभी सुविधाओं की गुणवत्ता, उपयोगिता और रखरखाव का बारीकी से मूल्यांकन किया। साथ ही यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया कि सभी कार्य समय पर पूरे हों, ताकि प्रभावित परिवारों को बेहतर और स्थायी जीवन मिल सके।
महिला स्वयं सहायता समूहों को मिला प्रोत्साहन
निरीक्षण के दौरान स्वयं सहायता समूहों (SHGs) द्वारा चलाए जा रहे आजीविका कार्यक्रमों का भी निरीक्षण किया गया। मशरूम उत्पादन और अन्य स्थानीय उत्पादों के माध्यम से महिलाओं—जैसे सोनी वर्मा, आकांक्षा कुमारी और गीता देवी—द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की गई।
अधिकारियों ने इन समूहों से उत्पाद खरीदकर उनका उत्साह बढ़ाया और उन्हें आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
पुनर्वास प्रक्रिया को तेज करने की योजना
निरीक्षण के बाद यह निर्णय लिया गया कि बारोरा क्षेत्र में JRDA साइट्स पर रह रहे LTH और नॉन-LTH परिवारों के साथ दोबारा संवाद स्थापित किया जाएगा। प्रशासन द्वारा उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जागरूकता बढ़ाने और जल्द से जल्द पुनर्वास को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।
समन्वय और विकास पर जोर
यह निरीक्षण विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय, तेजी से हो रहे इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और झरिया क्षेत्र में कोयला खनन से प्रभावित परिवारों के जीवन स्तर को सुधारने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
BCCL का यह कदम पुनर्वास प्रक्रिया को गति देने और प्रभावित लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
