भारत के सबसे बड़े कोयला खदान के रूप में उभरी SECL की डिपका परियोजना, FY27 की शुरुआत भी रही शानदार, उत्पादन लक्ष्य का 104% हासिल कर 30.5% की वार्षिक वृद्धि दर्ज की।
बिलासपुर: दक्षिण पूर्व कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) की डिपका ओपन कास्ट प्रोजेक्ट (OCP) ने देश के कोयला उत्पादन क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। वर्ष 1992 में केवल 1 मिलियन टन वार्षिक उत्पादन क्षमता के साथ शुरू हुई यह परियोजना आज भारत की सबसे बड़ी और सर्वाधिक उत्पादक कोयला खदान बन चुकी है। आधुनिक तकनीक, उच्च परिचालन दक्षता और सुरक्षित खनन प्रणाली के बल पर डिपका OCP देश की ऊर्जा सुरक्षा और औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।
FY26 में उत्पादन और डिस्पैच के नए रिकॉर्ड
वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान डिपका OCP ने 37.5 मिलियन टन कोयला उत्पादन का नया रिकॉर्ड बनाया। इसके साथ ही परियोजना ने 39.43 मिलियन टन कोयला डिस्पैच कर अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया। यह उपलब्धि परियोजना की मजबूत लॉजिस्टिक्स व्यवस्था, कुशल संचालन और बेहतर योजना का परिणाम मानी जा रही है।
FY27 की शुरुआत भी रही उम्मीदों से बेहतर
वित्तीय वर्ष 2026-27 के शुरुआती महीनों में भी डिपका OCP ने अपनी शानदार रफ्तार बरकरार रखी है। परियोजना ने निर्धारित प्रगतिशील उत्पादन लक्ष्य का 104 प्रतिशत हासिल किया है। इसके अलावा पिछले वर्ष की तुलना में 30.5 प्रतिशत की वार्षिक उत्पादन वृद्धि दर्ज कर यह संकेत दिया है कि आने वाले महीनों में भी परियोजना रिकॉर्ड प्रदर्शन जारी रख सकती है।
भारत की ऊर्जा सुरक्षा में निभा रही अहम भूमिका
डिपका ओपन कास्ट प्रोजेक्ट केवल एक कोयला खदान नहीं बल्कि भारत की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने वाली प्रमुख परियोजनाओं में शामिल है। यहां से उत्पादित कोयला देश के अनेक ताप विद्युत संयंत्रों और औद्योगिक इकाइयों तक पहुंचाया जाता है, जिससे बिजली उत्पादन और औद्योगिक गतिविधियों को निरंतर गति मिलती है। परियोजना की बढ़ती उत्पादन क्षमता भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता को भी मजबूत कर रही है।
आधुनिक तकनीक और कर्मचारियों की प्रतिबद्धता बनी सफलता की कुंजी
डिपका OCP की निरंतर सफलता के पीछे अत्याधुनिक खनन तकनीक, कुशल प्रबंधन, सुरक्षित कार्य संस्कृति और कर्मचारियों की प्रतिबद्धता प्रमुख कारण हैं। SECL लगातार उत्पादन क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण, सुरक्षा मानकों और कर्मचारियों के कल्याण पर भी विशेष ध्यान दे रही है। यही कारण है कि डिपका परियोजना आज भारतीय कोयला उद्योग के लिए एक आदर्श मॉडल के रूप में उभर रही है।
मुख्य Highlights
- FY26 में 37.5 मिलियन टन कोयला उत्पादन।
- 39.43 मिलियन टन कोयला डिस्पैच का रिकॉर्ड।
- FY27 की शुरुआत में उत्पादन लक्ष्य का 104% हासिल।
- उत्पादन में 30.5% की वार्षिक वृद्धि।
- डिपका OCP भारत की सबसे बड़ी और सर्वाधिक उत्पादक कोयला खदानों में शामिल।
- आधुनिक तकनीक और सुरक्षित खनन प्रणाली से लगातार बेहतर प्रदर्शन।