भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) ने ग्रीन हाइड्रोजन क्षेत्र में अपनी तकनीकी और विनिर्माण क्षमताओं को मजबूत करने के लिए नॉर्वे की Hystar AS के साथ एक रणनीतिक सहयोग समझौता (Strategic Collaboration Agreement-SCA) किया है। इस साझेदारी के तहत भारत में ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन के लिए PEM (Proton Exchange Membrane) Electrolyser Systems के विकास, स्थानीयकरण और निर्माण पर काम किया जाएगा। यह कदम BHEL को भारत के तेजी से उभरते ग्रीन हाइड्रोजन बाजार में अपनी स्थिति मजबूत करने में मदद कर सकता है।
BHEL और Hystar के समझौते की खासियत
BHEL-Hystar साझेदारी का प्रमुख उद्देश्य Hystar की PEM इलेक्ट्रोलाइजर तकनीक को भारतीय परिस्थितियों के अनुरूप विकसित करना और इसके स्थानीय निर्माण की क्षमता तैयार करना है। इससे भारत में ग्रीन हाइड्रोजन परियोजनाओं के लिए स्वदेशी इलेक्ट्रोलाइजर समाधान उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हो सकती है।
PEM इलेक्ट्रोलाइजर तकनीक पानी को बिजली की मदद से हाइड्रोजन और ऑक्सीजन में विभाजित करने के लिए इस्तेमाल की जाती है। ग्रीन हाइड्रोजन के मामले में जब बिजली नवीकरणीय स्रोतों से आती है, तो उत्पादन प्रक्रिया में कार्बन उत्सर्जन को काफी कम किया जा सकता है।
BHEL की इलेक्ट्रोलाइजर रणनीति को बड़ा फायदा
इस समझौते की सबसे अहम बात यह है कि BHEL अब PEM और Alkaline दोनों प्रकार की इलेक्ट्रोलाइजर तकनीक से जुड़े समाधान विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इससे कंपनी को अलग-अलग ग्रीन हाइड्रोजन परियोजनाओं की तकनीकी जरूरतों को पूरा करने के लिए व्यापक पोर्टफोलियो तैयार करने में मदद मिलेगी।
इससे पहले जुलाई 2026 में BHEL ने thyssenkrupp nucera India Private Limited के साथ अल्कलाइन इलेक्ट्रोलाइजर सिस्टम से संबंधित रणनीतिक समझौता किया था। नई PEM साझेदारी उस रणनीति को और विस्तार देती है।
National Green Hydrogen Mission को समर्थन
BHEL और Hystar का सहयोग भारत के National Green Hydrogen Mission और घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने वाली ‘Make in India’ जैसी पहलों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। इलेक्ट्रोलाइजर तकनीक का स्थानीय निर्माण भारत की ग्रीन हाइड्रोजन वैल्यू चेन को मजबूत करने में योगदान दे सकता है।
स्थानीय उत्पादन से भविष्य में आयात पर निर्भरता कम करने, घरेलू आपूर्ति श्रृंखला विकसित करने और बड़े पैमाने पर ग्रीन हाइड्रोजन परियोजनाओं के लिए उपकरण उपलब्ध कराने की क्षमता बढ़ सकती है।
निवेशकों की नजर किन बातों पर?
BHEL के लिए इस साझेदारी की वास्तविक व्यावसायिक सफलता आगे मिलने वाले ऑर्डर, PEM इलेक्ट्रोलाइजर के स्थानीयकरण की गति, उत्पादन क्षमता के विस्तार और ग्रीन हाइड्रोजन परियोजनाओं की मांग पर निर्भर करेगी। इलेक्ट्रोलाइजर की लागत और तकनीकी प्रतिस्पर्धा भी अहम कारक होंगे।