नई दिल्ली: सरकारी इंजीनियरिंग और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंपनी Engineers India Limited (EIL) ने वित्त वर्ष 2025-26 में अपना अब तक का सबसे मजबूत वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया है। कंपनी ने नई दिल्ली में आयोजित अपनी 61वीं वार्षिक आम बैठक के बाद मीडिया को कंपनी के प्रदर्शन और भविष्य की रणनीति की जानकारी दी। EIL के मुताबिक रिकॉर्ड ऑर्डर बुक, मजबूत प्रोजेक्ट एक्जीक्यूशन और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बढ़ती मौजूदगी ने कंपनी की ग्रोथ को गति दी है।
कंपनी के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर अतुल कुमार गुप्ता ने नई दिल्ली में आयोजित 61वीं वार्षिक आम बैठक के बाद मीडिया को कंपनी की उपलब्धियों और भविष्य की रणनीति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रिकॉर्ड ऑर्डर बुक, बेहतर प्रोजेक्ट एक्जीक्यूशन, अंतरराष्ट्रीय विस्तार और नए क्षेत्रों में diversification EIL की विकास यात्रा को नई गति दे रहे हैं।

रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा मुनाफा और ऑर्डर बुक
FY2025-26 में EIL का Profit After Tax (PAT) ₹638.74 करोड़ रहा, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में करीब 37% अधिक है। कंपनी की कुल आय भी बढ़कर ₹4,058.86 करोड़ हो गई, जबकि FY2024-25 में यह ₹3,198 करोड़ थी।
इसी अवधि में कंपनी का Profit Before Tax (PBT) ₹833.50 करोड़ और EBITDA ₹877.15 करोड़ रहा। बेहतर प्रोजेक्ट एक्जीक्यूशन और ऑपरेशनल एफिशिएंसी के चलते कंपनी के ऑपरेटिंग मार्जिन में भी सुधार दर्ज किया गया।
FY2025-26 में EIL ने करीब ₹7,978 करोड़ का नया कारोबार हासिल किया। इसके परिणामस्वरूप 31 मार्च 2026 को कंपनी का ऑर्डर बुक बढ़कर ₹15,109 करोड़ के ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गया। इससे आने वाले वर्षों के लिए कंपनी को मजबूत बिजनेस विजिबिलिटी मिली है।
विदेशी कारोबार बना अहम ग्रोथ इंजन
EIL के प्रदर्शन में अंतरराष्ट्रीय कारोबार की भूमिका लगातार बढ़ रही है। वित्त वर्ष के दौरान कंपनी द्वारा हासिल किए गए नए कारोबार में करीब ₹4,929 करोड़ का योगदान विदेशी कंसल्टेंसी कारोबार का रहा। यह कुल नए कारोबार का लगभग 62% है।
नाइजीरिया में Dangote Refinery and Petrochemical Project के सफल निष्पादन के बाद EIL ने Dangote Group के साथ अपनी साझेदारी को और मजबूत किया है। कंपनी को Dangote Train-2 विस्तार के लिए लगभग 360 मिलियन अमेरिकी डॉलर का EPCM mandate मिला है। इसके अलावा नाइजीरिया में चार-ट्रेन वाले नए फर्टिलाइजर प्रोजेक्ट के लिए भी PMC/EPCM असाइनमेंट हासिल किया गया है।
मध्य पूर्व में भी कंपनी ने अपनी मौजूदगी मजबूत की है। EIL ने सऊदी अरब में अपना कार्यालय शुरू किया है और Saudi Aramco के साथ long-term in-Kingdom services agreement के जरिए अपनी गतिविधियों का विस्तार किया है। कंपनी मंगोलिया, गुयाना, UAE, बहरीन, अल्जीरिया और कुवैत सहित कई अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी प्रोजेक्ट और कारोबारी अवसरों पर काम कर रही है।
हाइड्रोकार्बन से आगे नए क्षेत्रों पर फोकस
EIL की इंजीनियरिंग विशेषज्ञता का आधार हाइड्रोकार्बन क्षेत्र बना हुआ है, लेकिन कंपनी अब अपने कारोबार को तेजी से विविधीकृत कर रही है। इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में कंपनी ने डेटा सेंटर, संस्थागत इंफ्रास्ट्रक्चर, एयरपोर्ट और बड़े सार्वजनिक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में काम बढ़ाया है।
कंपनी ने भुवनेश्वर में RBI के Greenfield Data Centre और Training Institute का काम पूरा किया है। इसके अलावा अयोध्या के श्री राम मंदिर परिसर से जुड़े कार्यों और IITs तथा IIMs जैसे प्रमुख संस्थानों के साथ भी कंपनी की भागीदारी जारी है।
एविएशन सेक्टर में EIL ने Noida International Airport के लिए Independent Engineer Services पूरी की हैं। कंपनी इसके साथ ही रिन्यूएबल एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन, बायोफ्यूल, न्यूक्लियर एनर्जी, डिफेंस और मेटलर्जी जैसे क्षेत्रों में अपनी क्षमताएं विकसित कर रही है।
AI और R&D पर बढ़ा जोर
तकनीक और इनोवेशन EIL की नई ग्रोथ रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। गुरुग्राम स्थित कंपनी के R&D Centre ने 40 से अधिक process technologies विकसित की हैं।
FY2025-26 में EIL ने 24 नए पेटेंट आवेदन दाखिल किए और 10 पेटेंट हासिल किए। इसके साथ कंपनी के पास अब 58 granted patents हैं, जबकि 74 अन्य applications विचाराधीन हैं।
कंपनी इंजीनियरिंग और प्रोजेक्ट एक्जीक्यूशन में Artificial Intelligence आधारित स्वदेशी डिजिटल सॉल्यूशंस का भी इस्तेमाल कर रही है। इनमें project engineering, cost estimation और predictive asset integrity management जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
एनर्जी ट्रांजिशन पर भी फोकस
EIL ने ऊर्जा संक्रमण और डीकार्बोनाइजेशन को अपनी दीर्घकालिक रणनीति में शामिल किया है। कंपनी ने 2035 तक Scope 1 और Scope 2 emissions में Net Zero हासिल करने का लक्ष्य रखा है।
ग्रीन हाइड्रोजन, Sustainable Aviation Fuel, biofuels, carbon management और renewable-energy infrastructure जैसे क्षेत्रों में कंपनी अपनी विशेषज्ञता बढ़ा रही है। कुछ clean-energy क्षेत्रों में EIL केवल consultancy तक सीमित न रहकर energy-transition assets विकसित करने और उनका स्वामित्व रखने की दिशा में भी आगे बढ़ रही है।
EIL के CMD अतुल गुप्ता के अनुसार, कंपनी छह दशकों में विकसित अपनी इंजीनियरिंग और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट क्षमताओं का इस्तेमाल करते हुए अंतरराष्ट्रीय विस्तार और नए ऊर्जा एवं इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्रों में diversification को तेज कर रही है।
रिकॉर्ड वित्तीय प्रदर्शन, मजबूत ऑर्डर बुक, अंतरराष्ट्रीय कारोबार में विस्तार और नई तकनीकों पर फोकस के साथ EIL ने FY2025-26 में अपने कारोबार के अगले चरण की नींव मजबूत की है। कंपनी का आगामी फोकस operational excellence, internationalisation, diversification, technology, innovation, sustainability और people excellence पर रहेगा।