मुंबई: सार्वजनिक क्षेत्र के प्रमुख बैंक Bank of Baroda (BoB) ने पेंशन फंड कारोबार में विस्तार की दिशा में कदम बढ़ाया है। बैंक ने करीब 80 करोड़ रुपये के निवेश के साथ पेंशन फंड से जुड़ी नई सहायक कंपनी को स्थापित किया है। बैंक की ओर से स्टॉक एक्सचेंज को दी गई नियामकीय जानकारी में सब्सिडियरी के गठन से संबंधित सूचना दर्ज की गई है।
नई कंपनी के गठन से बैंक को पेंशन और रिटायरमेंट से जुड़ी वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में अपनी गतिविधियों को आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा। भारत में रिटायरमेंट सेविंग और पेंशन प्रोडक्ट्स की मांग बढ़ने के बीच बैंकिंग संस्थान इस क्षेत्र में अपनी भूमिका मजबूत करने पर ध्यान दे रहे हैं।
पेंशन फंड कारोबार पर बढ़ता फोकस
बैंक ऑफ बड़ौदा पहले से ही विभिन्न वित्तीय सेवाओं और सहायक कंपनियों के जरिए अपने कारोबार का विस्तार कर रहा है। बैंक की घरेलू सब्सिडियरी सूची में क्रेडिट कार्ड, कैपिटल मार्केट्स, इंश्योरेंस, एसेट मैनेजमेंट और टेक्नोलॉजी से जुड़ी कंपनियां शामिल हैं।
बैंक की मौजूदा वित्तीय सेवाओं की संरचना में Baroda BNP Paribas Asset Management India, IndiaFirst Life Insurance Company, BOB Capital Markets और अन्य संस्थाएं शामिल हैं। ऐसे में पेंशन फंड कारोबार में नई सब्सिडियरी का जुड़ना बैंक के वित्तीय सेवा पोर्टफोलियो को और विस्तृत करता है।
रिटायरमेंट प्लानिंग में बढ़ सकते हैं अवसर
पेंशन फंड कारोबार का सीधा संबंध लंबी अवधि की बचत और रिटायरमेंट प्लानिंग से है। नई सहायक कंपनी के जरिए बैंक इस क्षेत्र में उत्पादों और सेवाओं को विकसित करने तथा ग्राहकों तक उनकी पहुंच बढ़ाने की दिशा में काम कर सकता है।
हालांकि, नई इकाई के कारोबार का वास्तविक पैमाना, उत्पाद संरचना और परिचालन विस्तार आगे की मंजूरियों तथा नियामकीय आवश्यकताओं के अनुरूप तय होगा। इसलिए फिलहाल इसे बैंक की वित्तीय सेवाओं के विस्तार की रणनीतिक पहल के रूप में देखा जा सकता है।
Bank of Baroda की सब्सिडियरी रणनीति
बैंक ऑफ बड़ौदा की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, बैंक की घरेलू सहायक कंपनियों में कई वित्तीय सेवा संस्थाएं शामिल हैं। FY2025 के दौरान भी बैंक की विभिन्न सब्सिडियरी कंपनियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में कारोबार किया।
पेंशन फंड से जुड़ी नई कंपनी का गठन इसी व्यापक वित्तीय सेवा विस्तार का हिस्सा है। 80 करोड़ रुपये का निवेश बैंक की ओर से इस नए कारोबार में शुरुआती पूंजी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। आने वाले समय में इस इकाई की गतिविधियों और पेंशन क्षेत्र में इसके कारोबार पर नजर रहेगी।