कोलकाता: कोल इंडिया के कॉरपोरेट कार्यालय में आयोजित हिन्दी माह का समापन समारोह उत्साह और गरिमापूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। इस अवसर पर हिन्दी माह के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले प्रतिभागियों के साथ-साथ वर्ष भर राजभाषा हिन्दी में बेहतर कार्य करने वाले विभागों और कर्मियों को सम्मानित किया गया।
समारोह में कोल इंडिया के अध्यक्ष श्री बी. साईराम और मुख्य सतर्कता अधिकारी श्री ब्रजेश कुमार त्रिपाठी ने विजेताओं और उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मियों को पुरस्कार प्रदान किए।
हितग्राहियों से संवाद में हिन्दी को बताया सहज भाषा
अपने संबोधन में कोल इंडिया के अध्यक्ष श्री बी. साईराम ने कहा कि हितग्राहियों के साथ संवाद के लिए हिन्दी सबसे उपयुक्त भाषाओं में से एक है। उन्होंने हिन्दी की सरलता और सहजता को इसकी प्रमुख विशेषता बताया।
उन्होंने कहा कि हिन्दी देश को जोड़ने वाली भाषा है। देश या विदेश में कहीं भी हिन्दी में संवाद सुनने पर गर्व की अनुभूति होती है। उन्होंने कार्यालयीन कामकाज में हिन्दी के अधिक से अधिक उपयोग को प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया।
सतर्कता और हिन्दी के संबंधों पर प्रकाश
मुख्य सतर्कता अधिकारी श्री ब्रजेश कुमार त्रिपाठी ने अपने संबोधन में कविताओं के माध्यम से सतर्कता और हिन्दी के बीच संबंधों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि सतर्कता जागरूकता सप्ताह 2026 की थीम ‘सत्यनिष्ठा से समृद्धि’ के मूल भाव में हिन्दी की महत्वपूर्ण भूमिका है।
उन्होंने कहा कि हिन्दी जन-जन की भाषा है और हमारी संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह भाषा सत्यनिष्ठा और सकारात्मक मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बन सकती है।
11 प्रतियोगिताओं और प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन
राजभाषा विभाग के तत्वावधान में आयोजित हिन्दी माह के दौरान कोल इंडिया के कॉरपोरेट कार्यालय, कोलकाता में हिन्दी और हिन्दीतर भाषी कर्मियों के लिए 11 अलग-अलग प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं।
इन प्रतियोगिताओं में कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। हिन्दी के कार्यालयीन उपयोग को बढ़ावा देने के साथ-साथ नई तकनीक को भी कार्यक्रमों में शामिल किया गया।
हिन्दी कामकाज में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल और तकनीक को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक प्रशिक्षण कार्यशाला भी आयोजित की गई। इससे कर्मचारियों को हिन्दी में कामकाज को अधिक आसान और तकनीक आधारित बनाने की जानकारी मिली।
‘चेहरे’ नाटक का हुआ मंचन
समापन समारोह के अंत में ‘चेहरे’ नामक नाटक का मंचन किया गया। नाटक ने कार्यक्रम को सांस्कृतिक रंग दिया और उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों का ध्यान आकर्षित किया।
समारोह ने हिन्दी के कार्यालयीन प्रयोग, तकनीक के साथ इसके समन्वय और राजभाषा के प्रति कर्मचारियों की भागीदारी को एक मंच प्रदान किया। पुरस्कार वितरण और सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ हिन्दी माह का समापन हुआ।