WCL की नई पहल: महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए Self-Employed Tailor कार्यक्रम शुरू

नागपुर, 6 अक्टूबर 2026। महिला सशक्तिकरण और आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की दिशा में Western Coalfields Limited (WCL) ने एक नई पहल शुरू की है। WCL ने Apparel Training & Design Centre (ATDC) के सहयोग से Self-Employed Tailor (SET) कौशल विकास कार्यक्रम के पहले बैच की शुरुआत की। इस अवसर पर प्रशिक्षणार्थियों को टूल किट भी वितरित किए गए।

कार्यक्रम का आयोजन WCL के Skill Development Centre, HRD Department, Indora Complex, Nagpur में किया गया। इसका उद्देश्य विशेष रूप से महिलाओं तथा ग्रामीण और वंचित युवाओं को बाजार की जरूरतों के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।

महिलाओं को मिलेगा बाजार आधारित कौशल प्रशिक्षण

SET कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षणार्थियों को सिलाई और परिधान निर्माण से जुड़े विभिन्न व्यावहारिक कौशल सिखाए जाएंगे। प्रशिक्षण में सिलाई तकनीक, माप और कटिंग, सिलाई मशीन का संचालन, परिधान निर्माण सहित उद्यमिता और छोटे व्यवसाय के प्रबंधन जैसे विषय शामिल हैं।

इस प्रशिक्षण के जरिए प्रतिभागियों को केवल सिलाई का हुनर ही नहीं दिया जाएगा, बल्कि उन्हें अपने कौशल का इस्तेमाल कर स्वरोजगार शुरू करने और स्थायी आय का साधन विकसित करने के लिए भी तैयार किया जाएगा।

रीना पांडे ने प्रशिक्षणार्थियों को बांटी टूल किट

कार्यक्रम में झंकार महिला मंडल, WCL की अध्यक्ष रीना पांडे मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। झंकार महिला मंडल की अन्य पदाधिकारी और सदस्य, ATDC की निदेशक डॉ. रूपाली शुक्ला, WCL के GM (HRD) तथा HRD विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।

मुख्य अतिथि रीना पांडे ने SET प्रशिक्षणार्थियों को टूल किट वितरित किए। प्रशिक्षण के दौरान ये किट प्रतिभागियों के लिए उपयोगी संसाधन के रूप में काम करेंगे और उन्हें व्यावहारिक अभ्यास में मदद करेंगे।

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अपने संबोधन में रीना पांडे ने प्रशिक्षणार्थियों से कार्यक्रम का पूरा लाभ उठाने और अपने कौशल एवं प्रतिभा को स्वरोजगार के माध्यम से आगे बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कौशल केवल नौकरी हासिल करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह आत्मविश्वास, सम्मानजनक आजीविका और आर्थिक सशक्तिकरण का आधार भी बन सकता है।

SET और AMT कार्यक्रम की दी गई जानकारी

कार्यक्रम के दौरान ATDC की निदेशक डॉ. रूपाली शुक्ला ने SET और AMT कार्यक्रमों, उनके पाठ्यक्रम तथा प्रशिक्षण के क्रियान्वयन की रूपरेखा के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

उन्होंने प्रशिक्षण के विभिन्न पहलुओं और इसके जरिए प्रतिभागियों को कौशल से जोड़ने की प्रक्रिया के बारे में मार्गदर्शन दिया। कार्यक्रम का फोकस प्रशिक्षण के साथ-साथ प्रतिभागियों को स्थायी आजीविका और आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाना है।

कौशल विकास के जरिए आत्मनिर्भरता पर जोर

WCL की यह पहल कंपनी की सामाजिक जिम्मेदारी और कौशल विकास से जुड़े प्रयासों को आगे बढ़ाती है। महिलाओं और ग्रामीण युवाओं को व्यावहारिक एवं बाजारोन्मुखी प्रशिक्षण उपलब्ध कराने से उनके लिए स्वरोजगार के नए अवसर बन सकते हैं।

Self-Employed Tailor कार्यक्रम के माध्यम से WCL ने महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास और सतत आजीविका सृजन को एक साथ जोड़ने की पहल की है। इससे प्रशिक्षणार्थियों को अपने हुनर को आय के अवसर में बदलने और भविष्य में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में मदद मिलने की उम्मीद है।