पेट्रोलियम राजभाषा सम्मेलन 2026: उदयपुर में पेट्रोलियम राजभाषा सम्मेलन 2026, हिंदी और AI के उपयोग पर हुआ मंथन

उदयपुर: पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के तत्वावधान में 5 और 6 अक्टूबर 2026 को उदयपुर में पेट्रोलियम राजभाषा सम्मेलन 2026 का आयोजन किया गया। भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL), इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL), GAIL और ऑयल इंडिया लिमिटेड के संयुक्त समन्वय से आयोजित इस सम्मेलन में 250 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।

“हिंदी की बात, ऊर्जा के साथ” थीम पर आयोजित सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य तेल एवं गैस क्षेत्र में हिंदी के प्रचार-प्रसार, आधिकारिक कामकाज में इसके प्रभावी इस्तेमाल और तकनीकी विकास के साथ भाषा की संभावनाओं पर चर्चा करना था।

पद्मश्री मालिनी अवस्थी और राजेंद्र गुप्ता की उपस्थिति

सम्मेलन में पद्मश्री से सम्मानित लोकगायिका मालिनी अवस्थी ने बीज वक्तव्य दिया। वरिष्ठ अभिनेता राजेंद्र गुप्ता की उपस्थिति ने भी कार्यक्रम को विशेष गरिमा प्रदान की।

सम्मेलन के दौरान हिंदी के वर्तमान परिदृश्य, भविष्य की संभावनाओं और विभिन्न क्षेत्रों में इसके प्रभावी इस्तेमाल पर विचार साझा किए गए। प्रतिभागियों ने इस बात पर चर्चा की कि किस तरह हिंदी को प्रशासनिक और तकनीकी कार्यों में अधिक उपयोगी बनाया जा सकता है।

राजभाषा के विकास में AI की भूमिका पर चर्चा

सम्मेलन का एक प्रमुख विषय राजभाषा के विकास में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का उपयोग रहा। तकनीक के तेजी से बदलते दौर में हिंदी के अनुवाद, डिजिटल संचार और कार्यालयी कामकाज को अधिक सरल एवं प्रभावी बनाने की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया।

इसके साथ ही साहित्य और संस्कृति की भूमिका पर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने भाषा के प्रचार-प्रसार में साहित्यिक परंपराओं और सांस्कृतिक गतिविधियों के महत्व को रेखांकित किया।

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तेल एवं गैस क्षेत्र में हिंदी के इस्तेमाल को बढ़ावा

पेट्रोलियम राजभाषा सम्मेलन 2026 ने सार्वजनिक क्षेत्र की तेल एवं गैस कंपनियों के बीच हिंदी के प्रभावी उपयोग को प्रोत्साहित करने के लिए एक साझा मंच उपलब्ध कराया। सम्मेलन में भाषा, संस्कृति और नवाचार के बीच संवाद को मजबूत करने पर जोर दिया गया।

BPCL ने हिंदी के संवर्धन और प्रसार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। इस तरह के आयोजन राजभाषा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और सरकारी उपक्रमों में हिंदी के व्यावहारिक इस्तेमाल को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

कुल मिलाकर, उदयपुर में आयोजित यह सम्मेलन हिंदी को ऊर्जा क्षेत्र के कामकाज, तकनीकी विकास और सांस्कृतिक संवाद से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रहा।