जिले में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने और स्थानीय किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। कलेक्टर Gaurav Bansal की पहल पर Northern Coalfields Limited (NCL) और जिला प्रशासन के बीच एमओयू (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं, जिसके तहत एक आधुनिक मत्स्य हैचरी यूनिट स्थापित की जाएगी।
₹67.57 लाख की लागत से बनेगी हैचरी
यह महत्वाकांक्षी परियोजना सिंगरौली स्थित Krishi Vigyan Kendra (कृषि विज्ञान केंद्र) के परिसर में विकसित की जाएगी।
- कुल लागत: ₹67.57 लाख
- समयसीमा: 1 वर्ष
- CSR फंडिंग: NCL द्वारा
हैचरी में ब्रीडर पॉन्ड, स्पानिंग पूल, नर्सरी और वाटर सिस्टम जैसी आधुनिक सुविधाएं होंगी।
मत्स्य पालन में आएगा बड़ा बदलाव
इस परियोजना से:
- स्थानीय स्तर पर उच्च गुणवत्ता के मछली बीज उपलब्ध होंगे
- अन्य राज्यों पर निर्भरता कम होगी
- उत्पादन और गुणवत्ता दोनों में सुधार होगा
👉 इससे मछुआरों की आय में वृद्धि होने की उम्मीद है।
30,000 लोगों को मिलेगा लाभ
इस पहल से लगभग:
- 30,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष लाभार्थी
- रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर
- ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती
मिलेगी।
कम होगी लागत, बढ़ेगी उपलब्धता
स्थानीय उत्पादन से:
- परिवहन लागत कम होगी
- छोटे किसानों को सस्ती दर पर बीज मिलेगा
- आम जनता को भी लाभ होगा
CSR के जरिए विकास को बढ़ावा
यह परियोजना NCL की CSR पहल का हिस्सा है, जो:
- बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगी
- पोषण सुरक्षा बढ़ाएगी
- ग्रामीण विकास को गति देगी
कार्यक्रम में रहे प्रमुख अधिकारी उपस्थित
MoU साइनिंग के दौरान:
- Sankat Mochan Tiwari
- Rajeev Ranjan
- Mohammad Sajid Naseem
उपस्थित रहे।
