Indian Oil Corporation (IOC) की LPG सप्लाई चेन को बड़ा झटका लगा है, क्योंकि करीब 1,000 टैंकर ट्रकों ने काम बंद कर दिया है।
यह हड़ताल दक्षिण भारत में चेन्नई, पालक्काड, तूतीकोरिन, मंगलुरु और बेंगलुरु की रिफाइनरियों से LPG लोडिंग पर असर डाल रही है।
इसका मुख्य कारण लगभग ₹50 करोड़ के लंबित भुगतान और टोल क्लेम विवाद बताया जा रहा है।
हड़ताल की वजह
ट्रांसपोर्टर्स ने कई गंभीर मुद्दे उठाए हैं:
- लंबित भुगतान में देरी
- 5 साल से टोल रिइम्बर्समेंट क्लेम लंबित
- 2025-30 के नए कॉन्ट्रैक्ट में बिना सूचना कटौती
- प्रति ट्रांसपोर्टर ₹10–18 लाख तक की डिडक्शन
ट्रांसपोर्टर्स का कहना है कि एक टैंकर ऑपरेशन को चलाने के लिए करीब ₹60,000 की वर्किंग कैपिटल लगती है, जो भुगतान में देरी के कारण प्रभावित हो रही है।
सप्लाई चेन पर असर
इस हड़ताल से:
- LPG की सप्लाई बॉटलिंग प्लांट्स तक बाधित
- घरेलू गैस आपूर्ति पर संकट की आशंका
- दक्षिण भारत में वितरण प्रभावित
शेयर बाजार और वैल्यूएशन
- IOC का शेयर लगभग ₹143.47 (अप्रैल 2026)
- मार्केट कैप: ₹2.02 लाख करोड़
- P/E रेशियो: 8.60
विश्लेषकों का मानना है कि यह हड़ताल कंपनी के ऑपरेशनल प्रदर्शन और निवेशकों के भरोसे पर असर डाल सकती है।
ऊर्जा सुरक्षा पर असर
भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है:
- 85% से अधिक क्रूड ऑयल आयात
- LPG और LNG पर भी निर्भरता
ऐसे में लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन में व्यवधान देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए चिंता का विषय है।
आगे का रास्ता
इस संकट का समाधान तभी संभव है जब Indian Oil Corporation:
- लंबित भुगतान जल्द जारी करे
- टोल क्लेम विवाद सुलझाए
- ट्रांसपोर्टर्स के साथ बेहतर समन्वय बनाए
विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत सप्लाई चेन मैनेजमेंट और पारदर्शी कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम भविष्य में ऐसे संकट से बचा सकते हैं।
