NHPC Limited के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक Bhupendra Gupta ने 15 मई 2026 को एनएचपीसी आवासीय परिसर, फरीदाबाद में स्थापित ‘ज्ञानधारा पुस्तकालय’ का उद्घाटन किया। यह पहल कर्मचारियों और उनके परिवारजनों के बौद्धिक विकास तथा अध्ययन संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
उद्घाटन समारोह में निदेशक (कार्मिक) Uttam Lal, निदेशक (परियोजनाएं) Sanjay Kumar Singh, निदेशक (तकनीकी) Suprakash Adhikari तथा निदेशक (वित्त) Mahesh Kumar Sharma सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
पुस्तकों को बताया जीवन का सच्चा मित्र
अपने संबोधन में CMD श्री भूपेन्द्र गुप्ता ने पुस्तकों के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किताबें केवल जानकारी का स्रोत नहीं होतीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाली सच्ची मित्र भी होती हैं। उन्होंने बताया कि पढ़ने की आदत व्यक्ति की सोचने और निर्णय लेने की क्षमता को मजबूत बनाती है।
उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में भी पुस्तकों का महत्व कम नहीं हुआ है। अच्छी किताबें बच्चों और युवाओं के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
परिवारों और बच्चों के लिए विशेष पहल
कार्यक्रम के दौरान निदेशकगण ने कहा कि “ज्ञानधारा पुस्तकालय” केवल एक पुस्तकालय नहीं, बल्कि ज्ञान और संस्कारों की नई शुरुआत है। यह पुस्तकालय बच्चों और परिवारजनों में अध्ययन की रुचि बढ़ाने के साथ-साथ सांस्कृतिक और बौद्धिक विकास को भी प्रोत्साहित करेगा।
कार्यक्रम की प्रमुख बातें
- एनएचपीसी आवासीय परिसर, फरीदाबाद में पुस्तकालय का उद्घाटन
- कर्मचारियों और परिवारजनों के लिए ज्ञानवर्धन केंद्र की शुरुआत
- बच्चों में अध्ययन संस्कृति विकसित करने पर जोर
- वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में कार्यक्रम आयोजित
- पुस्तकालय को बौद्धिक और सांस्कृतिक विकास का माध्यम बताया गया
एनएचपीसी की सामाजिक एवं सांस्कृतिक पहल
एनएचपीसी समय-समय पर कर्मचारियों और समाज के विकास के लिए कई पहल करता रहा है। ‘ज्ञानधारा पुस्तकालय’ भी उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह पहल कर्मचारियों के परिवारों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने में मदद करेगी।
