Satish Chandra Dubey, केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री, ने South Eastern Coalfields Limited (SECL) के एक दिवसीय दौरे के दौरान कंपनी के परिचालन और उपलब्धियों की विस्तृत समीक्षा की। इस अवसर पर उन्होंने डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी कई महत्वपूर्ण पहलों का शुभारंभ भी किया।
कोयला कर्मियों को दी श्रद्धांजलि
SECL मुख्यालय पहुंचने पर मंत्री ने सबसे पहले कोल माइनर्स मेमोरियल पर पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने देश निर्माण और ऊर्जा सुरक्षा में कोयला कर्मियों के योगदान को नमन किया।
उत्पादन, सुरक्षा और डिजिटलीकरण पर समीक्षा
SECL मुख्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री ने कई अहम विषयों पर चर्चा की:
- कोयला उत्पादन और डिस्पैच
- गुणवत्ता प्रबंधन
- खदान सुरक्षा
- कोल गैसीफिकेशन
- माइन क्लोजर
- पर्यावरणीय पहल
- डिजिटलीकरण
- CSR गतिविधियां
- भविष्य की कार्ययोजना
बैठक में SECL के CMD श्री हरीश दुहन, फंक्शनल डायरेक्टर्स, CVO, विभागाध्यक्ष और मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
सुरक्षित और सतत खनन पर जोर
श्री दुबे ने सुरक्षित और सतत खनन को बढ़ावा देने, परिचालन दक्षता बढ़ाने और आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि SECL देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
उन्होंने उत्पादन, गुणवत्ता, सुरक्षा और पर्यावरणीय जिम्मेदारियों के क्षेत्र में कंपनी के प्रयासों की सराहना की। साथ ही CSR योजनाओं के लाभ को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर जोर दिया।
Coal India के 100 मिलियन टन लक्ष्य में SECL का बड़ा योगदान
SECL CMD श्री हरीश दुहन ने जानकारी दी कि वित्त वर्ष 2026-27 में अब तक Coal India Limited के 100 मिलियन टन उत्पादन लक्ष्य में SECL का योगदान 26.86 मिलियन टन रहा है, जो सबसे अधिक है।
उन्होंने मंत्रालय के मार्गदर्शन में देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
मुख्य बिंदु:
- केंद्रीय मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने SECL कार्यों की समीक्षा की
- डिजिटल पोर्टल और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी पहलों का शुभारंभ
- उत्पादन, सुरक्षा, गुणवत्ता और CSR पर चर्चा
- SECL ने Coal India के 100 MT उत्पादन में 26.86 MT योगदान दिया
- सुरक्षित और सतत खनन पर विशेष जोर
