आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा: रक्षा मंत्रालय और BEL के बीच IAF के लिए 1,950 करोड़ का माउंटेन रडार सौदा

रक्षा मंत्रालय ने BEL के साथ ₹1,950 करोड़ का समझौता कर भारतीय वायुसेना के लिए स्वदेशी माउंटेन रडार खरीदने का फैसला किया है। यह कदम देश की वायु रक्षा क्षमता को मजबूत करने के साथ आत्मनिर्भर भारत अभियान को बढ़ावा देगा।

भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए Ministry of Defence (MoD) ने Bharat Electronics Limited (BEL) के साथ भारतीय वायुसेना के लिए दो माउंटेन रडार की खरीद हेतु लगभग ₹1,950 करोड़ का बड़ा अनुबंध किया है।

यह समझौता 31 मार्च 2026 को नई दिल्ली में MoD और BEL के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में हस्ताक्षरित हुआ। यह डील Buy (Indian–Indigenously Designed, Developed and Manufactured) श्रेणी के तहत की गई है, जो Aatmanirbhar Bharat और मेक-इन-इंडिया पहल को मजबूती देती है।


स्वदेशी तकनीक से लैस माउंटेन रडार

यह अत्याधुनिक माउंटेन रडार DRDO की इकाई इलेक्ट्रॉनिक्स एंड रडार डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट (LRDE) द्वारा डिजाइन और विकसित किया गया है, जबकि इसका निर्माण BEL द्वारा किया जाएगा।

इन रडार सिस्टम्स के साथ आवश्यक उपकरण और बुनियादी ढांचा भी शामिल होगा, जो ऊंचाई वाले दुर्गम क्षेत्रों में तैनाती के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए हैं।


वायु रक्षा को मिलेगा बड़ा मजबूती

इन रडारों की स्थापना और कमीशनिंग से:

  • भारतीय वायुसेना की निगरानी क्षमता बढ़ेगी
  • हवाई खतरों का समय रहते पता लगाने में मदद मिलेगी
  • सीमावर्ती और पहाड़ी इलाकों में रक्षा तैयारियां मजबूत होंगी

साथ ही, यह सौदा विदेशी रक्षा उपकरणों पर निर्भरता कम करने और देश में रक्षा विनिर्माण को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

यह अनुबंध न केवल भारत की रक्षा तैयारियों को नई ऊंचाई देगा, बल्कि स्वदेशी तकनीक के विकास और उपयोग को भी गति प्रदान करेगा।

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