देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। मंगलवार को तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दाम में 90 पैसे प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी कर दी। महज 5 दिनों के भीतर यह दूसरी बार है जब ईंधन की कीमतों में इजाफा किया गया है। इससे पहले 15 मई को भी पेट्रोल-डीजल लगभग ₹3 प्रति लीटर महंगा हुआ था।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में तेज उछाल और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह माना जा रहा है। ईरान-अमेरिका तनाव के कारण ग्लोबल मार्केट में ब्रेंट क्रूड की कीमत 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 108 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है, जिसका सीधा असर भारतीय तेल कंपनियों की लागत पर पड़ा है।
दिल्ली से मुंबई तक बढ़े पेट्रोल-डीजल के नए रेट
तेल कंपनियों द्वारा जारी नई कीमतों के अनुसार देश के प्रमुख महानगरों में पेट्रोल और डीजल के दाम इस प्रकार हैं:
पेट्रोल के ताजा दाम
- दिल्ली – ₹98.64 प्रति लीटर
- मुंबई – ₹107.59 प्रति लीटर
- कोलकाता – ₹109.70 प्रति लीटर
- चेन्नई – ₹104.49 प्रति लीटर
डीजल के नए दाम
- Delhi – ₹91.58 प्रति लीटर
- मुंबई – ₹94.08 प्रति लीटर
- कोलकाता – ₹96.07 प्रति लीटर
- चेन्नई – ₹96.11 प्रति लीटर
लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों का असर आम जनता की जेब पर पड़ने लगा है। ट्रांसपोर्टेशन लागत बढ़ने से आने वाले दिनों में खाद्य पदार्थों और रोजमर्रा की चीजों के दाम भी बढ़ सकते हैं।
क्यों बढ़ रहे हैं पेट्रोल-डीजल के दाम?
विशेषज्ञों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के कारण भारतीय ऑयल मार्केटिंग कंपनियों पर भारी दबाव बन रहा है।
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव, मिडिल ईस्ट में अस्थिर हालात और शिपिंग रूट्स पर खतरे की वजह से क्रूड ऑयल की सप्लाई प्रभावित होने की आशंका है। यही कारण है कि तेल कंपनियों ने घाटे की भरपाई के लिए घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाने का फैसला लिया है।
क्या आगे और बढ़ सकती हैं तेल की कीमतें?
अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी रहती हैं, तो आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल और महंगे हो सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत जैसे आयात-निर्भर देश के लिए लगातार महंगा क्रूड आर्थिक दबाव पैदा कर सकता है। इससे महंगाई दर बढ़ने के साथ-साथ परिवहन और उद्योग क्षेत्र पर भी असर पड़ सकता है।
पहले एक्साइज ड्यूटी में दी गई थी राहत
सरकार ने इससे पहले जनता को राहत देने के लिए पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में 10-10 रुपए प्रति लीटर की कटौती की थी।
कटौती के बाद पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी ₹13 से घटाकर ₹3 प्रति लीटर कर दी गई थी, जबकि डीजल पर ड्यूटी ₹10 से घटाकर शून्य कर दी गई थी। इसके बावजूद अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेजी के कारण घरेलू ईंधन कीमतों में फिर बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।
पीएम मोदी ने ईंधन बचाने की अपील की
प्रधानमंत्री Narendra Modi ने हाल ही में पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक हालात को देखते हुए देशवासियों से पेट्रोल, डीजल और गैस का संयमित उपयोग करने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में ऊर्जा संसाधनों का सावधानीपूर्वक इस्तेमाल करना समय की जरूरत है।
पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों का आम आदमी पर असर
लगातार बढ़ रही पेट्रोल और डीजल की कीमतें सीधे तौर पर आम लोगों की जेब पर असर डालती हैं। ईंधन महंगा होने से:
- ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ता है
- खाने-पीने की चीजें महंगी होती हैं
- बस और टैक्सी किराए बढ़ सकते हैं
- उद्योगों की लागत बढ़ती है
- महंगाई दर पर दबाव बनता है
ऐसे में आने वाले दिनों में तेल की कीमतों पर सरकार और तेल कंपनियों के अगले फैसलों पर सबकी नजर बनी रहेगी।
