IOCL FY26 Results: रिकॉर्ड बिक्री और मुनाफे के साथ IOCL ने रचा इतिहास, कर्ज में ₹23,798 करोड़ की बड़ी कमी

इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने FY26 में रिकॉर्ड प्रदर्शन करते हुए रिफाइनरी, पाइपलाइन और बिक्री के नए कीर्तिमान बनाए। कंपनी का शुद्ध लाभ बढ़कर ₹36,802 करोड़ पहुंच गया, जबकि कुल कर्ज में ₹23,798 करोड़ की कमी दर्ज की गई।

भारत की सबसे बड़ी तेल विपणन कंपनी Indian Oil Corporation ने वित्त वर्ष 2025-26 में शानदार प्रदर्शन दर्ज किया है। कंपनी ने रिफाइनरी थ्रूपुट, पाइपलाइन ट्रांसपोर्टेशन और कुल बिक्री में अब तक का सबसे ऊंचा स्तर हासिल किया। इसके साथ ही कंपनी का शुद्ध लाभ (Net Profit) भी FY25 की तुलना में लगभग तीन गुना बढ़कर ₹36,802 करोड़ पहुंच गया।

IOC का FY26 में रिकॉर्ड प्रदर्शन

इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने FY26 में कई बड़े परिचालन रिकॉर्ड बनाए। कंपनी की रिफाइनरी थ्रूपुट 5% बढ़कर 75.451 MMT रही, जो अब तक का सबसे उच्च स्तर है। वहीं पाइपलाइन थ्रूपुट भी 5% की वृद्धि के साथ 105.556 MMT तक पहुंच गया।

कंपनी की कुल बिक्री मात्रा (Total Sales Volume) 105.117 MMT रही, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 5% अधिक है। पेट्रोलियम उत्पादों की बिक्री में भी 4.004 MMT की वृद्धि दर्ज की गई।

पेट्रोकेमिकल और गैस कारोबार में भी बढ़त

IOC के पेट्रोकेमिकल कारोबार में FY26 के दौरान 4% की वृद्धि हुई। कंपनी की पेट्रोकेमिकल बिक्री 3.294 MMT रही, जबकि गैस बिक्री 6% बढ़कर 7.276 MMT तक पहुंच गई।

इसके अलावा निर्यात बिक्री (Export Sales) में भी 6% का इजाफा हुआ और यह 5.213 MMT पर पहुंच गई।

कर्ज में बड़ी कमी, मुनाफा तीन गुना बढ़ा

कंपनी के लिए सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक कुल उधारी (Total Borrowings) में भारी कमी रही। FY26 के अंत तक IOC का कुल कर्ज ₹23,798 करोड़ घटकर ₹1,10,668 करोड़ रह गया।

वहीं शुद्ध लाभ FY25 के ₹12,962 करोड़ से बढ़कर FY26 में ₹36,802 करोड़ हो गया। यानी कंपनी के मुनाफे में ₹23,840 करोड़ की बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई।

भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद नियंत्रित खर्च

मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और बढ़ती लागत के बावजूद कंपनी ने अपने लक्षित राजस्व व्यय (Targeted Revenue Expenses) को सीमित रखा। FY25 में ₹18,187 करोड़ के मुकाबले FY26 में यह खर्च केवल 2.5% बढ़कर ₹18,646 करोड़ रहा।

IOC FY26 Highlights

  • रिफाइनरी थ्रूपुट: 75.451 MMT
  • पाइपलाइन थ्रूपुट: 105.556 MMT
  • कुल बिक्री: 105.117 MMT
  • पेट्रोलियम बिक्री: 88.967 MMT
  • गैस बिक्री: 7.276 MMT
  • निर्यात बिक्री: 5.213 MMT
  • नेट प्रॉफिट: ₹36,802 करोड़
  • कुल उधारी: ₹1,10,668 करोड़