Standing Conference of Public Enterprises की अकादमी APSE (Academy of Public Sector Enterprises) ने CPSEs के जूनियर और मिड-लेवल अधिकारियों के लिए सप्ताहभर का Executive Development Program आयोजित किया। कार्यक्रम का उद्घाटन SCOPE के महानिदेशक Atul Sobti ने किया।
कार्यक्रम का विषय ‘The Career Journey to Personal Effectiveness and Leadership’ रखा गया था, जिसमें देशभर के 20 केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों (CPSEs) से लगभग 50 अधिकारियों ने भाग लिया।
निरंतर सीखने और कौशल विकास पर जोर
अपने उद्घाटन संबोधन में अतुल सोबती ने कहा कि वर्तमान दौर में continuous learning, skilling और reskilling की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है। उन्होंने प्रतिभागियों को याद दिलाया कि सीखने की प्रक्रिया “cradle to grave” यानी जीवनभर चलने वाली यात्रा है, जिसे कभी नहीं रुकना चाहिए।
अवसरों को पहचानना ही असली प्रतिभा: आयुष गुप्ता
कार्यक्रम के समापन सत्र को GAIL (India) Limited के Director (HR) एवं SCOPE Executive Board के सदस्य Ayush Gupta ने संबोधित किया।
उन्होंने प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित करते हुए कहा कि अवसर सभी के लिए समान होते हैं, लेकिन अक्सर लोग उन्हें पहचान नहीं पाते। उन्होंने कहा कि वास्तविक प्रतिभा वही है, जो जीवन में मिलने वाले अवसरों का पूरी क्षमता से उपयोग करना जानती हो।
भविष्य के नेतृत्व को तैयार करने पर फोकस
APSE की स्थापना सार्वजनिक क्षेत्र में सक्षम, कुशल और भविष्य के लिए तैयार नेतृत्व विकसित करने के उद्देश्य से की गई है। यह संस्था CPSE अधिकारियों को विभिन्न प्रबंधन स्तरों पर leadership, efficiency और professional competence विकसित करने के लिए प्रशिक्षण प्रदान करती है।
यह कार्यक्रम सार्वजनिक क्षेत्र के अधिकारियों को बदलते कार्य वातावरण के अनुरूप नेतृत्व क्षमता विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
