हीरो मोटोकॉर्प ने लॉन्च की देश की पहली मास-मार्केट फ्लेक्स-फ्यूल मोटरसाइकिलें, ऊर्जा परिवर्तन की दिशा में बड़ा कदम
केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री Hardeep Singh Puri ने कहा है कि फ्लेक्स-फ्यूल वाहन (Flex Fuel Vehicles-FFVs) भारत के लिए कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करने, किसानों की आय बढ़ाने और कम-कार्बन आधारित परिवहन व्यवस्था को गति देने का एक व्यावहारिक समाधान हैं।
बुधवार को नई दिल्ली में Hero MotoCorp की पहली फ्लेक्स-फ्यूल मोटरसाइकिलों के लॉन्च कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने इसे भारत की ऊर्जा परिवर्तन यात्रा का एक ऐतिहासिक क्षण बताया। इस अवसर पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री Nitin Gadkari भी उपस्थित रहे।
भारत में फ्लेक्स-फ्यूल मोबिलिटी के नए युग की शुरुआत
हीरो मोटोकॉर्प ने Splendor+ Flex Fuel और HF Deluxe Flex Fuel मोटरसाइकिलों को लॉन्च किया है। ये मोटरसाइकिलें E20 से E85 तक के एथेनॉल-पेट्रोल मिश्रण पर चल सकती हैं। यह लॉन्च स्वच्छ, आत्मनिर्भर और टिकाऊ परिवहन समाधान को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
हरदीप सिंह पुरी ने इसे “भारत के ऊर्जा इतिहास का नया अध्याय” बताते हुए कहा कि देश में 30 करोड़ से अधिक सक्रिय दोपहिया वाहन हैं। ऐसे में फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक का व्यापक उपयोग देश की परिवहन व्यवस्था में बड़ा बदलाव ला सकता है।
एथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम ने बदली तस्वीर
मंत्री ने बताया कि भारत में एथेनॉल मिश्रण (Ethanol Blending) का स्तर वर्ष 2014 में मात्र 1.5 प्रतिशत था, जो अब बढ़कर 20 प्रतिशत तक पहुंच गया है। उन्होंने इसे देश की सबसे सफल ऊर्जा परिवर्तन पहलों में से एक बताया।
उनके अनुसार, एथेनॉल सप्लाई वर्ष (ESY) 2014-15 से अब तक:
- लगभग ₹1.84 लाख करोड़ की विदेशी मुद्रा की बचत हुई।
- 302 लाख मीट्रिक टन कच्चे तेल का आयात प्रतिस्थापित किया गया।
- 909 लाख मीट्रिक टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आई।
- किसानों को लगभग ₹1.58 लाख करोड़ का अतिरिक्त भुगतान प्राप्त हुआ।
पुरी ने कहा कि इससे किसान केवल “अन्नदाता” ही नहीं बल्कि “ऊर्जादाता” भी बन रहे हैं।
ऊर्जा सुरक्षा को मिलेगी मजबूती
उन्होंने कहा कि भारत अपनी कुल कच्चे तेल की आवश्यकता का लगभग 88.5 प्रतिशत आयात करता है। ऐसे में वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों का सीधा असर देश की ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ता है। एथेनॉल के बढ़ते उपयोग से आयात निर्भरता कम होगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
केवल 1% बिक्री से भी होगा बड़ा फायदा
मंत्री ने बताया कि यदि एथेनॉल सप्लाई वर्ष 2026-27 में पेट्रोल वाहनों की वार्षिक बिक्री का मात्र 1 प्रतिशत हिस्सा भी फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों का हो जाए, तो:
- लगभग 4 करोड़ लीटर एथेनॉल की अतिरिक्त मांग पैदा होगी।
- डिस्टिलरीज को लगभग ₹266 करोड़ का भुगतान होगा।
- ₹195 करोड़ की विदेशी मुद्रा बचत होगी।
- 0.28 लाख मीट्रिक टन कच्चे तेल के आयात में कमी आएगी।
- लगभग 0.86 लाख मीट्रिक टन CO₂ उत्सर्जन कम होगा।
उन्होंने कहा कि इस अतिरिक्त मांग से लगभग ₹160 करोड़ सीधे किसानों तक पहुंचेगा, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सकारात्मक प्रभाव डालेगा।
इलेक्ट्रिक वाहनों के मुकाबले फ्लेक्स-फ्यूल का लाभ
हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि E85 अनुकूल फ्लेक्स-फ्यूल वाहन कई मामलों में लाभकारी हैं:
- निर्माण लागत अपेक्षाकृत कम होती है।
- अतिरिक्त बुनियादी ढांचे की आवश्यकता न्यूनतम होती है।
- चार्जिंग नेटवर्क की तुलना में तेजी से अपनाए जा सकते हैं।
- आयातित बैटरी घटकों पर निर्भरता नहीं रहती।
- घरेलू स्तर पर उत्पादित जैव ईंधन का उपयोग होता है।
- समग्र कार्बन फुटप्रिंट कम होता है।
सरकार कर रही है प्रोत्साहन उपायों पर विचार
उच्च एथेनॉल मिश्रण को लेकर उठने वाली चिंताओं पर मंत्री ने कहा कि E20 ईंधन को लागू करने से पहले व्यापक परीक्षण किए गए थे। उन्होंने ब्राजील जैसे देशों के अनुभवों का उल्लेख करते हुए कहा कि फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक पूरी तरह प्रमाणित, विश्वसनीय और बड़े पैमाने पर लागू की जा सकने वाली तकनीक है।
उन्होंने यह भी बताया कि यदि E85 ईंधन की कीमत E20 से कम रखी जाती है, तो उपभोक्ता लगभग तीन वर्षों में वाहन की अतिरिक्त लागत की भरपाई ईंधन बचत के माध्यम से कर सकते हैं। सरकार इस दिशा में मूल्य समर्थन और अन्य प्रोत्साहन उपायों पर सक्रिय रूप से विचार कर रही है।

हीरो मोटोकॉर्प की पहल की सराहना
मंत्री ने Hero MotoCorp को इस दिशा में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए बधाई देते हुए कहा कि कंपनी की नई फ्लेक्स-फ्यूल मोटरसाइकिलें ऊर्जा सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देंगी।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार की नीतिगत सहायता और उद्योग की सक्रिय भागीदारी से भारत फ्लेक्स-फ्यूल मोबिलिटी के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व हासिल कर सकता है।
