BCCL कोयला भवन मुख्यालय में कॉर्पोरेट स्तरीय राजभाषा कार्यान्वयन समिति की तिमाही समीक्षा बैठक आयोजित

Bharat Coking Coal Limited के कोयला भवन मुख्यालय में कॉर्पोरेट स्तरीय राजभाषा कार्यान्वयन समिति की तिमाही समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 की अंतिम तिमाही के दौरान राजभाषा अनुपालन की समीक्षा की गई तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली इकाइयों को सम्मानित किया गया।

कोयला भवन मुख्यालय में आयोजित बीसीसीएल राजभाषा कार्यान्वयन समिति की समीक्षा बैठक

Bharat Coking Coal Limited के कोयला भवन, मुख्यालय में 27 मई 2026 को कॉर्पोरेट स्तरीय राजभाषा कार्यान्वयन समिति की तिमाही समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 की अंतिम तिमाही के दौरान राजभाषा हिंदी के उपयोग एवं उसके अनुपालन की विस्तृत समीक्षा की गई।

कार्यक्रम की अध्यक्षता निदेशक (मानव संसाधन) मुरली कृष्ण रमैया ने की। इस अवसर पर महाप्रबंधक (राजभाषा) मनीष मिश्रा सहित मुख्यालय के विभिन्न विभागों के महाप्रबंधक, विभागाध्यक्ष, सभी क्षेत्रों के क्षेत्रीय प्रबंधक (मानव संसाधन), नोडल राजभाषा अधिकारी एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

पिछली तिमाही के निर्देशों की हुई समीक्षा

बैठक में एजेंडे के अनुसार पिछली बैठक के कार्यवृत्त का अनुमोदन किया गया। साथ ही पिछली तिमाही में दिए गए निर्देशों पर प्रस्तुत अनुपालन रिपोर्ट की समीक्षा भी की गई।

बैठक में प्रमुख बिंदु

  • राजभाषा हिंदी के उपयोग की प्रगति की समीक्षा
  • विभिन्न विभागों में राजभाषा अनुपालन की स्थिति पर चर्चा
  • पिछली बैठक के निर्देशों पर कार्रवाई रिपोर्ट का मूल्यांकन
  • आगामी तिमाही के लिए राजभाषा कार्यान्वयन को और प्रभावी बनाने पर विचार

उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली इकाइयों को मिला सम्मान

कार्यक्रम के दौरान जनवरी-मार्च 2026 अवधि में राजभाषा कार्यान्वयन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली इकाइयों को चल वैजयंती शील्ड प्रदान कर सम्मानित किया गया।

सम्मानित इकाइयां

  • मुख्यालय स्तर पर: सचिवालय – निदेशक (मानव संसाधन)
  • क्षेत्रीय स्तर पर: कतरास क्षेत्र

इन इकाइयों को राजभाषा हिंदी के प्रभावी उपयोग और उत्कृष्ट कार्यान्वयन के लिए सम्मानित किया गया।

हिंदी के प्रचार-प्रसार पर दिया गया जोर

बैठक में अधिकारियों ने कार्यालयी कार्यों में हिंदी के अधिकतम उपयोग और राजभाषा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन पर बल दिया। साथ ही सभी विभागों और क्षेत्रों में हिंदी के प्रयोग को और बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास जारी रखने की बात कही गई।