BCCL मुख्यालय में वेंडर्स मीट आयोजित, संविदा प्रबंधन और GeM पोर्टल की नई सुविधाओं पर हुई चर्चा

Bharat Coking Coal Limited के कोयला भवन मुख्यालय में कॉन्ट्रैक्ट मैनेजमेंट सेल (CMC) विभाग द्वारा वेंडर्स मीट का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संविदा प्रबंधन, निविदा प्रक्रिया में पारदर्शिता, GeM पोर्टल की नई सुविधाओं और हालिया संशोधित प्रावधानों पर विस्तृत चर्चा की गई। लगभग 60 वेंडर्स और संविदाकारों ने कार्यक्रम में भाग लेकर अपनी समस्याएं और सुझाव साझा किए।

Bharat Coking Coal Limited के कोयला भवन मुख्यालय में आज कॉन्ट्रैक्ट मैनेजमेंट सेल (CMC) विभाग की ओर से वेंडर्स मीट का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य बीसीसीएल और वेंडर्स/संविदाकारों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना, कार्य निष्पादन के दौरान आने वाली चुनौतियों पर चर्चा करना तथा संविदा प्रबंधन से जुड़े नए दिशा-निर्देशों और प्रावधानों की जानकारी साझा करना था।

कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष (CMC) श्री विक्रम कुमार, बीसीसीएल के इंडिपेंडेंट एक्सटर्नल मॉनिटर्स (IEMs) श्री अरविंद कुमार कादयान एवं श्री अमृत लुगुन सहित विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर धनबाद एवं आसपास के क्षेत्रों से लगभग 60 वेंडर्स, उनके प्रतिनिधियों और संविदाकारों ने भागीदारी की।

बैठक के दौरान सीएमसी विभाग द्वारा पावरपॉइंट प्रस्तुति के माध्यम से बीसीसीएल की प्रोक्योरमेंट प्रणाली और पारदर्शिता संबंधी व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि बीसीसीएल की निविदाएं देशभर के बोलीदाताओं के लिए खुली रहती हैं तथा प्री-बिड स्पष्टीकरण और उनके उत्तर सभी प्रतिभागियों के लिए उपलब्ध कराए जाते हैं।

इसके अलावा GeM पोर्टल पर उपलब्ध दस्तावेजों, तकनीकी मूल्यांकन परिणामों और मूल्य प्रस्तावों की जानकारी साझा की गई। कार्यक्रम में आरटीआई प्रावधानों तथा बीसीसीएल एवं Coal India Limited की वेबसाइट पर उपलब्ध कॉन्ट्रैक्ट मैनेजमेंट मैनुअल्स के बारे में भी प्रतिभागियों को अवगत कराया गया।

बैठक में GeM पोर्टल की नई सुविधाओं जैसे आईपी एड्रेस मॉनिटरिंग, ऑटो एक्सटेंशन ऑफ बिड, एमएसई स्टेटस का ऑटो वेरिफिकेशन तथा बिड रिप्रेजेंटेशन एवं क्लैरिफिकेशन की समय-सीमा पर विशेष चर्चा हुई। साथ ही JV/कंसोर्टियम से संबंधित महत्वपूर्ण प्रावधानों की भी जानकारी दी गई।

कार्यक्रम के दौरान निविदा दस्तावेजों में हाल ही में किए गए संशोधनों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। इनमें वर्किंग कैपिटल दस्तावेज, विवाद समाधान व्यवस्था, अतिरिक्त परफॉर्मेंस सिक्योरिटी (APS), कार्य अनुभव मानदंड, ग्रुप पर्सनल एक्सीडेंट इंश्योरेंस, परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) तथा डीजल मूल्य वृद्धि से संबंधित अंतरिम उपाय शामिल रहे।

सीएमसी विभाग ने प्रतिभागियों को निविदा प्रक्रिया में होने वाली सामान्य त्रुटियों के प्रति जागरूक करते हुए आवश्यक सावधानियां अपनाने की सलाह दी। कार्यक्रम के दौरान वेंडर्स और संविदाकारों ने अपनी जिज्ञासाएं अधिकारियों के समक्ष रखीं तथा विभिन्न विषयों पर मार्गदर्शन प्राप्त किया।

समापन सत्र में क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें विजयी प्रतिभागियों और कंपनियों के प्रतिनिधियों को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।