BPCL का Brazil में बड़ा कदम, SEAP-I Offshore Oil Project में बढ़ी रफ्तार

नई दिल्ली: भारत की प्रमुख सरकारी तेल कंपनी Bharat Petroleum Corporation Limited (BPCL) ने ब्राजील के महत्वपूर्ण SEAP-I Offshore Oil Project में अपनी भागीदारी को आगे बढ़ाया है। ब्राजील की सरकारी तेल कंपनी Petrobras द्वारा परियोजना के लिए Final Investment Decision (FID) को मंजूरी देने के बाद अब प्रोजेक्ट के विकास की दिशा में अहम प्रगति हुई है।

SEAP-I परियोजना ब्राजील के Sergipe-Alagoas Basin में स्थित BM-SEAL-11 concession से जुड़ी है। परियोजना में Petrobras ऑपरेटर है, जबकि BPCL की हिस्सेदारी उसकी सहायक कंपनियों के माध्यम से है। यह परियोजना भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इससे BPCL को अपने हिस्से के equity oil तक पहुंच मिल सकती है।

BPCL की 40% पार्टिसिपेटिंग हिस्सेदारी

SEAP-I के BM-SEAL-11 concession में Petrobras की 60% और IBV Brasil Petróleo Ltda. की 40% participating interest है। BPCL, अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी Bharat PetroResources Ltd. (BPRL) और अन्य step-down subsidiaries के जरिए IBV में 65.40% equity stake रखती है।

इस परियोजना में IBV का कुल निवेश करीब 2.8 अरब डॉलर रहने का अनुमान है। यह निवेश भारत सरकार की आवश्यक मंजूरियों के अधीन है। BPCL के लिए यह परियोजना विदेशी upstream assets में उसकी मौजूदगी को मजबूत करने के साथ-साथ कच्चे तेल के स्रोतों में विविधता लाने की रणनीति का हिस्सा है।

P-81 FPSO से होगा तेल और गैस उत्पादन

SEAP-I परियोजना के लिए P-81 Floating Production Storage and Offloading (FPSO) यूनिट का इस्तेमाल किया जाएगा। इसकी प्रस्तावित उत्पादन क्षमता 1.20 लाख बैरल तेल/कंडेन्सेट प्रतिदिन और गैस प्रोसेसिंग क्षमता 10 मिलियन क्यूबिक मीटर प्रतिदिन होगी। Petrobras के अनुसार SEAP-I में उत्पादन शुरू होने का लक्ष्य 2031 है।

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29 मई 2026 को Petrobras ने SBM Offshore के साथ SEAP परियोजना के लिए FPSO इकाइयों के निर्माण का अनुबंध भी किया। इससे SEAP-I के execution phase को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण मदद मिली है।

भारत की Energy Security को मिलेगा समर्थन

BPCL के लिए Brazil project का सबसे महत्वपूर्ण पहलू equity oil access है। कंपनी के अनुसार, परियोजना से मिलने वाला हिस्सा भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने में योगदान कर सकता है। विदेशी upstream assets में निवेश से भारत को कच्चे तेल की आपूर्ति के स्रोतों में विविधता लाने में मदद मिलती है।

भारत पहले से ही अपनी कच्चे तेल की जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है। ऐसे में विदेशों में oil and gas assets हासिल करना भारतीय ऊर्जा कंपनियों की दीर्घकालिक रणनीति का अहम हिस्सा बन गया है।

Brazil में BPCL की Upstream Strategy

SEAP-I BPCL के अंतरराष्ट्रीय upstream portfolio के लिए महत्वपूर्ण परियोजना है। कंपनी लंबे समय से Brazil में exploration और development activities से जुड़ी हुई है। भारत सरकार ने 2022 में BM-SEAL-11 project के development के लिए BPRL को अतिरिक्त 1.6 अरब डॉलर के निवेश की मंजूरी भी दी थी।

अब FID और FPSO contract के बाद SEAP-I project execution की दिशा में आगे बढ़ रहा है। परियोजना के सफल क्रियान्वयन से BPCL को अंतरराष्ट्रीय oil production portfolio मजबूत करने और भारत की energy security में योगदान बढ़ाने का अवसर मिलेगा।