CCL पिपरवार क्षेत्र में शिकायत निवारण शिविर का सफल आयोजन, 38 शिकायतों का हुआ पंजीकरण

CCL के पिपरवार क्षेत्र में आयोजित शिकायत निवारण शिविर में कुल 38 शिकायतें दर्ज की गईं। आवास अनुरक्षण, अनुकम्पा नियुक्ति और सीएमपीएफ डेटा अपडेट से संबंधित मामलों पर चर्चा हुई। कई शिकायतों का मौके पर समाधान किया गया, जबकि शेष मामलों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

कर्मचारियों, पूर्व कर्मचारियों और हितधारकों की समस्याओं के समाधान हेतु प्रबंधन ने किया सीधा संवाद

Central Coalfields Limited (सीसीएल) के निदेशालय (मानव संसाधन प्रबंधन) के तत्वावधान में 10 जून 2026 को पिपरवार क्षेत्र में शिकायत निवारण शिविर का सफल आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य कर्मचारियों, पूर्व कर्मचारियों, उनके आश्रितों, ठेकेदारों तथा अन्य हितधारकों की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना था।

कार्यक्रम की अध्यक्षता महाप्रबंधक (समाधान प्रकोष्ठ) श्रीमती सुमन रस्तोगी ने की। इस अवसर पर मुख्य प्रबंधक (मानव संसाधन) श्री गौतम चौधरी, श्री तेजविंदर सिंह, स्टाफ अधिकारी (मानव संसाधन), पिपरवार क्षेत्र, सिविल विभाग, खनन विभाग के प्रतिनिधि तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

38 शिकायतें दर्ज, कई मामलों का मौके पर समाधान

प्रातः 11:00 बजे से अपराह्न 3:30 बजे तक आयोजित शिविर में कर्मचारियों, पूर्व कर्मचारियों, आश्रितों, ठेकेदारों एवं अन्य हितधारकों द्वारा कुल 38 शिकायतें दर्ज कराई गईं।

प्राप्त शिकायतों में प्रमुख रूप से:

  • आवास (क्वार्टर) अनुरक्षण
  • अनुकम्पा नियुक्ति
  • सीएमपीएफ ऑनलाइन डेटा अद्यतन
  • सेवा संबंधी विभिन्न मामले

शामिल रहे।

शिविर के दौरान सभी शिकायतों का विधिवत पंजीकरण किया गया तथा अनेक मामलों में संबंधित व्यक्तियों को मौके पर ही आवश्यक जानकारी और समाधान उपलब्ध कराया गया। शेष मामलों का नियमानुसार परीक्षण कर उचित कार्रवाई एवं औपचारिक उत्तर प्रदान किए जाएंगे।

पारदर्शी प्रशासन और कर्मचारी कल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

शिकायत निवारण शिविर प्रबंधन और हितधारकों के बीच प्रत्यक्ष संवाद का एक प्रभावी मंच साबित हुआ। इस पहल ने त्वरित शिकायत निवारण, पारदर्शी प्रशासन तथा कर्मचारी हितों के प्रति सीसीएल की प्रतिबद्धता को और मजबूत किया है।

कंपनी का मानना है कि ऐसे शिविर कर्मचारियों एवं अन्य हितधारकों की समस्याओं के समाधान के साथ-साथ संगठन और कर्मचारियों के बीच विश्वास को भी सुदृढ़ करते हैं।