विक्रम देव दत्त, सचिव, Ministry of Coal ने Coal India Limited के कोलकाता स्थित कॉर्पोरेट कार्यालय में कंपनी की सुधारात्मक पहलों (Reform Initiatives) की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
बैठक में कोयला उत्पादन, उत्पादकता और आपूर्ति क्षमता बढ़ाने के लिए चल रही विभिन्न परिवर्तनकारी सुधार योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई।
उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाने पर विशेष फोकस
समीक्षा बैठक के दौरान कोयला क्षेत्र में दक्षता सुधार और परिचालन क्षमता बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में इन प्रमुख मुद्दों पर हुई चर्चा
- कोयला आपूर्ति बढ़ाने की रणनीति
- कोयले की गुणवत्ता में सुधार
- First Mile Connectivity (FMC) परियोजनाओं में तेजी
- कोल वाशिंग क्षमता का बेहतर उपयोग
- कोयला गैसीकरण परियोजनाओं को बढ़ावा
- तकनीकी नवाचारों का तेजी से कार्यान्वयन
- लागत अनुकूलन एवं व्यय नियंत्रण उपाय
कोयला गैसीकरण और FMC परियोजनाओं को मिलेगा बढ़ावा
बैठक में विशेष रूप से First Mile Connectivity (FMC) परियोजनाओं को तेज करने और कोयला गैसीकरण परियोजनाओं को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि:
- FMC परियोजनाएं कोयला परिवहन को अधिक कुशल बनाएंगी
- कोल गैसीकरण ऊर्जा क्षेत्र में वैल्यू एडिशन बढ़ाएगा
- आधुनिक तकनीकों से लागत में कमी आएगी
- गुणवत्ता सुधार से उपभोक्ताओं को बेहतर कोयला उपलब्ध होगा
वरिष्ठ अधिकारियों ने लिया बैठक में भाग
समीक्षा बैठक में Coal India Limited के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में उपस्थित प्रमुख अधिकारी
- बी साईराम – चेयरमैन, कोल इंडिया
- संजीव कुमार कासी – संयुक्त सचिव, कोयला मंत्रालय
- विनय रंजन – निदेशक (मानव संसाधन)
- मुकेश चौधरी – निदेशक (मार्केटिंग)
- मुकेश अग्रवाल – निदेशक (वित्त)
- अच्युत घटक – निदेशक (तकनीकी)
- आशीष कुमार – निदेशक (बिजनेस डेवलपमेंट)
- ब्रजेश कुमार त्रिपाठी – मुख्य सतर्कता अधिकारी
कोयला क्षेत्र में आधुनिक तकनीक और सुधारों पर जोर
Ministry of Coal और Coal India Limited अब उत्पादन वृद्धि के साथ-साथ लागत नियंत्रण, तकनीकी नवाचार और गुणवत्ता सुधार पर भी विशेष ध्यान दे रहे हैं।
सुधार पहलों के संभावित लाभ
- कोयला आपूर्ति श्रृंखला मजबूत होगी
- उत्पादन लागत में कमी
- ऊर्जा क्षेत्र को बेहतर गुणवत्ता का कोयला
- पर्यावरण अनुकूल तकनीकों को बढ़ावा
- आयात निर्भरता में कमी
