Cochin Shipyard और Drydocks World का ₹1,800 करोड़ का JV, Kochi में बढ़ेगी Ship Repair क्षमता

कोच्चि: भारत की प्रमुख सरकारी शिपबिल्डिंग कंपनी Cochin Shipyard Limited (CSL) और UAE की Drydocks World, जो DP World की कंपनी है, ने भारत के शिप रिपेयर सेक्टर को मजबूत करने के लिए बड़ा समझौता किया है। दोनों कंपनियों ने कोच्चि स्थित International Ship Repair Facility (ISRF) को संचालित और विस्तारित करने के लिए 50:50 Joint Venture बनाया है।

इस JV के तहत Cochin Shipyard अपनी International Ship Repair Facility को करीब ₹1,800 करोड़ के मूल्य पर संयुक्त उद्यम को ट्रांसफर करेगा। प्रस्तावित ढांचे में CSL को सौदे की 50% राशि नकद और बाकी 50% JV के शेयरों के रूप में मिलने की व्यवस्था है। इससे कंपनी को अपनी हिस्सेदारी बनाए रखते हुए इस सुविधा के विस्तार और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कारोबार बढ़ाने का अवसर मिलेगा।

50:50 हिस्सेदारी, बढ़ेगी सुविधा की क्षमता

नया Joint Venture कोच्चि के Willingdon Island स्थित ISRF का संचालन, प्रबंधन और विस्तार करेगा। इस सुविधा में कमर्शियल और नौसैनिक जहाजों की dry-docking, maintenance, repair और overhaul जैसी सेवाएं दी जाती हैं।

ISRF करीब 30 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली है। इसमें 6,000 टन क्षमता वाला ship lift और transfer system, छह workstations तथा लगभग 1,400 मीटर berthing space है। मौजूदा सुविधा एक साथ छह जहाजों को संभाल सकती है और इसकी सालाना क्षमता करीब 82 जहाजों तक है।

JV की सबसे अहम योजनाओं में 10 नए workstations जोड़ना शामिल है। इससे जहाजों की मरम्मत क्षमता बढ़ेगी और बड़े तथा जटिल repair projects को संभालने में मदद मिलेगी।

International Ship Repair Facility की अहमियत

ISRF को करीब ₹970 करोड़ की लागत से विकसित किया गया था और यहां अगस्त 2024 में commercial operations शुरू हुए थे। वित्त वर्ष 2025-26 में इस सुविधा ने ₹207.33 करोड़ का राजस्व दर्ज किया, जो Cochin Shipyard के कुल operating revenue का करीब 4.81% था। स्वतंत्र मूल्यांकन में सुविधा की कीमत करीब ₹1,800 करोड़ आंकी गई है।

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इस JV से Cochin Shipyard को Drydocks World की अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञता, तकनीक और वैश्विक ग्राहक नेटवर्क का लाभ मिलने की उम्मीद है। वहीं Drydocks World को भारत के तेजी से बढ़ते maritime और ship repair market में अपनी मौजूदगी मजबूत करने का अवसर मिलेगा।

भारत को Global Ship Repair Hub बनाने की दिशा में कदम

केंद्र सरकार के अनुसार यह साझेदारी भारत के ship repair ecosystem को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। दोनों कंपनियां कोच्चि को एक बड़े maritime services hub के रूप में विकसित करना चाहती हैं। इससे ship repair के साथ engineering, fabrication और अन्य maritime services में भी नए अवसर पैदा हो सकते हैं।

Drydocks World के पास maritime और offshore sectors में चार दशक से ज्यादा का अनुभव है। कंपनी के साथ साझेदारी से भारतीय ship repair industry में global practices और advanced technologies आने की उम्मीद है।

यह JV भारत की Maritime India Vision 2030 और Maritime Amrit Kaal Vision 2047 जैसे लक्ष्यों के अनुरूप भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसका उद्देश्य भारत में जहाज मरम्मत की क्षमता बढ़ाने के साथ विदेशी और क्षेत्रीय जहाजों को भी आकर्षित करना है।

कुल मिलाकर, Cochin Shipyard और Drydocks World का यह ₹1,800 करोड़ का JV भारत के maritime sector के लिए बड़ा कदम है। आने वाले समय में इसका फोकस क्षमता विस्तार, तेज repair turnaround और international ship repair business हासिल करने पर रहेगा।