वैश्विक कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। Donald Trump द्वारा अमेरिका और ईरान के बीच अस्थायी युद्धविराम (Ceasefire) की घोषणा के बाद तेल बाजार में सप्लाई को लेकर चिंताएं कम हो गईं।
इसका असर तुरंत कीमतों पर दिखा—Brent Crude $94–95 प्रति बैरल और WTI Crude करीब $96 तक गिर गया। यह एक ही ट्रेडिंग सेशन में 13% से अधिक की बड़ी गिरावट है।
सीजफायर से बाजार को राहत
दो हफ्तों के इस अस्थायी सीजफायर समझौते में महत्वपूर्ण Strait of Hormuz को फिर से खोलने की बात शामिल है। यह समुद्री मार्ग दुनिया के लगभग 20% तेल सप्लाई के लिए अहम माना जाता है।
तनाव कम होते ही ट्रेडर्स ने जोखिम भरे पोजिशन कम किए, जिससे तेल की कीमतों में तेजी से गिरावट आई।
रिस्क प्रीमियम’ खत्म होने का असर
हाल ही में मध्य-पूर्व में तनाव बढ़ने के कारण तेल की कीमतें $110 प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई थीं।
विशेषज्ञों के अनुसार, अब बाजार से “रिस्क प्रीमियम” हटने के कारण कीमतों में तेज करेक्शन आया है।
भारतीय ऑयल स्टॉक्स में जोरदार हलचल
तेल कीमतों में गिरावट का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी दिखा:
- Bharat Petroleum Corporation Limited में 7.53% की तेजी
- Indian Oil Corporation 5.85% चढ़ा
- Hindustan Petroleum Corporation Limited 0.91% ऊपर
- Reliance Industries Limited में 0.45% की बढ़त
रिफाइनिंग कंपनियों को कम कच्चे तेल की लागत का फायदा मिलने की उम्मीद है, जबकि अपस्ट्रीम कंपनियों पर दबाव बना रह सकता है।
भारत जैसे देशों को राहत
भारत जैसे आयात-निर्भर देशों के लिए यह गिरावट राहत भरी खबर है। इससे:
- आयात बिल कम होगा
- महंगाई पर दबाव घटेगा
- आर्थिक स्थिरता को सहारा मिलेगा
अभी भी बना हुआ है जोखिम
हालांकि कीमतों में गिरावट आई है, लेकिन बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है।
सीजफायर अस्थायी है और यदि फिर से तनाव बढ़ता है, तो तेल की कीमतों में दोबारा तेजी आ सकती है।
