GRSE को राजभाषा कार्यान्वयन में लगातार दूसरी बार प्रथम पुरस्कार, ‘राजभाषा शील्ड’ से हुआ सम्मान

कोलकाता: गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड (GRSE) ने राजभाषा के प्रभावी कार्यान्वयन के क्षेत्र में एक और गौरवपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। वर्ष 2025-26 के लिए उत्कृष्ट राजभाषा कार्यान्वयन के लिए GRSE को प्रतिष्ठित ‘राजभाषा शील्ड’ प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह लगातार दूसरा वर्ष है जब कंपनी को यह प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त हुआ है। इस उपलब्धि ने GRSE की हिंदी के प्रभावी प्रयोग और राजभाषा नीति के सफल क्रियान्वयन के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित किया है।

यह पुरस्कार 25 अगस्त 2026 को कोलकाता स्थित धनधान्यो सभागार में आयोजित नराकास (उपक्रम-2), कोलकाता की अर्धवार्षिक समीक्षा बैठक के दौरान प्रदान किया गया। पश्चिम बंगाल सरकार के माननीय राज्य मंत्री श्री उमेश राय ने GRSE को यह सम्मान प्रदान किया। कंपनी की ओर से अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक कमोडोर पी.आर. हरि, भा.नौ. (सेवानिवृत्त) ने ‘राजभाषा शील्ड’ ग्रहण की।

राजभाषा के क्षेत्र में GRSE की निरंतर उपलब्धि

लगातार दूसरे वर्ष प्रथम पुरस्कार प्राप्त करना GRSE के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। यह सम्मान कंपनी में हिंदी के अधिकाधिक और प्रभावी उपयोग, राजभाषा संबंधी गतिविधियों के बेहतर क्रियान्वयन तथा कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी को दर्शाता है। केंद्र सरकार के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम के रूप में GRSE राजभाषा नीति को संगठनात्मक कार्यप्रणाली में प्रभावी ढंग से लागू करने की दिशा में लगातार प्रयासरत है।

GRSE कर्मचारियों को भी मिला सम्मान

इस अवसर पर नराकास (उपक्रम-2) द्वारा वर्ष के दौरान आयोजित विभिन्न हिंदी प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले GRSE कर्मचारियों को भी सम्मानित किया गया। श्री अजय गौतम, वरिष्ठ प्रबंधक (सीसी) को हिंदी यात्रा-वृत्तांत प्रतियोगिता में पुरस्कार मिला। वहीं श्री अभिषेक भट्टाचार्य, पर्यवेक्षक (विधि) और श्रीमती नबनीता बेरा, वरिष्ठ प्रबंधक (ईएस) को हिंदी निबंध प्रतियोगिता में पुरस्कृत किया गया।

इन पुरस्कारों के माध्यम से GRSE कर्मचारियों की हिंदी भाषा के प्रति रुचि और रचनात्मक भागीदारी को भी मान्यता मिली। इससे संगठन में राजभाषा के प्रति सकारात्मक वातावरण को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

युद्धपोत प्रवर्तीकरण समारोह में मंच संचालन के लिए सम्मान

GRSE की इस उपलब्धियों की श्रृंखला में एक अन्य उल्लेखनीय सम्मान भी शामिल रहा। 21 जून 2026 को GRSE द्वारा निर्मित तीन युद्धपोतों के एक ही दिन आयोजित प्रवर्तीकरण समारोह में प्रभावपूर्ण और जीवंत मंच संचालन के लिए श्री मनीष कुमार सिंह, वरिष्ठ प्रबंधक (राजभाषा) को प्रशस्ति फलक से सम्मानित किया गया।

GRSE की यह उपलब्धि न केवल राजभाषा के प्रभावी उपयोग को बढ़ावा देती है, बल्कि सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में हिंदी के संस्थागत और रचनात्मक प्रयोग की दिशा में भी एक सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत करती है।