सार्वजनिक क्षेत्र की महारत्न कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IndianOil) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1 FY27) के वित्तीय परिणाम जारी कर दिए हैं। कंपनी ने इस तिमाही में 2,661 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा दर्ज किया है, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में उसे 5,689 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था। हालांकि, वित्तीय दबाव के बावजूद कंपनी ने रिफाइनिंग, पाइपलाइन संचालन, ईंधन बिक्री और बाजार हिस्सेदारी जैसे प्रमुख परिचालन क्षेत्रों में कई नए रिकॉर्ड स्थापित किए हैं। कंपनी के अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज वृद्धि का सीधा असर लाभप्रदता पर पड़ा।
इंडियनऑयल की ऑपरेशंस से कुल आय 2,75,972 करोड़ रुपये रही, जो पिछले वर्ष की पहली तिमाही के 2,18,608 करोड़ रुपये की तुलना में 26 प्रतिशत अधिक है। इसके बावजूद कच्चे तेल की लागत बढ़ने से कंपनी को लाभ के स्थान पर घाटा दर्ज करना पड़ा। कंपनी ने स्पष्ट किया कि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने मार्जिन पर दबाव बनाया।
रिफाइनरी और पाइपलाइन संचालन में नया कीर्तिमान
पहली तिमाही में इंडियनऑयल ने 19.165 मिलियन मीट्रिक टन (MMT) कच्चे तेल का प्रसंस्करण किया, जो Q1 के इतिहास का सर्वाधिक स्तर है। कंपनी की रिफाइनरी क्षमता उपयोग (Capacity Utilisation) 109.4 प्रतिशत रही, जो पिछले वर्ष के 106.7 प्रतिशत से अधिक है।
इसी अवधि में कंपनी का पाइपलाइन थ्रूपुट 28.548 MMT रहा, जिसमें सालाना आधार पर 9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। साथ ही, BS-VI लागू होने के बाद कंपनी ने 8.04 प्रतिशत का अब तक का सबसे कम तिमाही Fuel & Loss हासिल किया, जो परिचालन दक्षता का महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।
पेट्रोल-डीजल बिक्री और बाजार हिस्सेदारी में बढ़ोतरी
कंपनी की कुल पेट्रोलियम उत्पाद बिक्री 22.542 MMT रही। इस दौरान 4.522 MMT पेट्रोल (MS) और 10.866 MMT डीजल (HSD) की अब तक की सबसे अधिक तिमाही बिक्री दर्ज की गई। वहीं, घरेलू बाजार में इंडियनऑयल की हिस्सेदारी बढ़कर 43.1 प्रतिशत हो गई, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 41.5 प्रतिशत थी। इसके अलावा, प्राकृतिक गैस की बिक्री 11 प्रतिशत बढ़कर 1.873 MMT तक पहुंच गई।
पेट्रोकेमिकल और गैस कारोबार से मिला सहारा
कंपनी के पेट्रोकेमिकल कारोबार में LAB, BA और PTA उत्पादों की बेहतर बिक्री के कारण सेगमेंट लाभ में 218 करोड़ रुपये का सुधार हुआ। वहीं, गैस कारोबार में बिक्री बढ़ने से सेगमेंट प्रॉफिट 476 करोड़ रुपये बढ़ा। इसके साथ ही इंडियनऑयल ने SERVO Hypertech, SERVO Hyperdrive और SERVO Hyperton नाम से नए प्रीमियम लुब्रिकेंट्स भी लॉन्च किए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद इंडियनऑयल का मजबूत परिचालन प्रदर्शन यह दर्शाता है कि कंपनी की मूल कारोबारी क्षमता मजबूत बनी हुई है। यदि आने वाले महीनों में कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता आती है, तो कंपनी की वित्तीय स्थिति में भी सुधार देखने को मिल सकता है।