“Energy Security: Driving India’s Next Wave of Gas Demand” कॉन्फ्रेंस के पहले दिन आयोजित पैनल-3 में भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने में LNG (Liquefied Natural Gas) की महत्वपूर्ण भूमिका पर विस्तृत चर्चा की गई।
इस सत्र का विषय था “LNG and Energy Security: Terminal Regulations, Strategic Storage and Energy Transition”, जिसमें विशेषज्ञों ने गैस सेक्टर के भविष्य और इंफ्रास्ट्रक्चर पर अपने विचार साझा किए।
LNG इंफ्रास्ट्रक्चर और ऊर्जा सुरक्षा पर जोर
पैनल में चर्चा का मुख्य फोकस था:
- LNG टर्मिनल रेगुलेशंस
- स्ट्रैटेजिक गैस स्टोरेज
- स्वच्छ ऊर्जा (Clean Energy) की ओर संक्रमण
विशेषज्ञों ने बताया कि मजबूत LNG इंफ्रास्ट्रक्चर और स्टोरेज सिस्टम भारत की ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित बनाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
इंडस्ट्री लीडर्स ने साझा किए विचार
इस पैनल में कई प्रमुख ऊर्जा विशेषज्ञ शामिल रहे:
- Prabhat Singh – पूर्व MD & CEO, Petronet LNG Limited
- Nakul Raheja – कंट्री हेड, Shell
- Rajeev Kumar Singhal – डायरेक्टर (BD), GAIL (India) Limited
- Debasish Goswami – CEO, HPCL LNG Limited
इस सत्र का संचालन Sanjay Sah, पार्टनर, Deloitte ने किया।
ग्लोबल ट्रेंड्स और भारत की रणनीति
पैनलिस्ट्स ने ग्लोबल LNG ट्रेंड्स, इंफ्रास्ट्रक्चर की तैयारी और भारत में बढ़ती गैस डिमांड को लेकर रणनीतिक रास्तों पर चर्चा की।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि LNG भारत के ऊर्जा ट्रांजिशन में एक महत्वपूर्ण “ब्रिज फ्यूल” के रूप में काम करेगा, जिससे देश स्वच्छ ऊर्जा की ओर तेजी से बढ़ सकेगा।
ऊर्जा ट्रांजिशन की दिशा में कदम
इस सत्र ने स्पष्ट किया कि बेहतर रेगुलेशन, स्टोरेज और इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करते हुए एक संतुलित और स्वच्छ ऊर्जा मिश्रण की ओर बढ़ सकता है।
