भारत की प्रमुख LNG कंपनी Petronet LNG Limited ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही और पूरे वर्ष के लिए मजबूत वित्तीय परिणाम घोषित किए हैं। कंपनी ने Q4 FY26 में अब तक का सबसे अधिक तिमाही लाभ दर्ज किया। साथ ही बोर्ड ने शेयरधारकों के लिए ₹3 प्रति शेयर अंतिम डिविडेंड की सिफारिश की है। खाड़ी क्षेत्र में आपूर्ति संबंधी चुनौतियों के बावजूद कंपनी ने मजबूत परिचालन क्षमता और रणनीतिक विस्तार योजनाओं के दम पर शानदार प्रदर्शन किया।
Q4 FY26 में रिकॉर्ड मुनाफा
पेट्रोनेट LNG ने चौथी तिमाही में ₹1,795 करोड़ का Profit Before Tax (PBT) दर्ज किया, जो पिछली तिमाही के ₹1,144 करोड़ की तुलना में काफी अधिक है। वहीं, Profit After Tax (PAT) बढ़कर ₹1,338 करोड़ पहुंच गया, जबकि Q3 FY26 में यह ₹848 करोड़ था।
पूरे वित्त वर्ष FY26 में कंपनी का स्टैंडअलोन PAT ₹3,843 करोड़ और कंसोलिडेटेड PAT ₹3,913 करोड़ रहा। यह प्रदर्शन कंपनी की मजबूत परिचालन दक्षता और बढ़ती LNG मांग को दर्शाता है।
₹3 प्रति शेयर डिविडेंड की घोषणा
कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने FY26 के लिए ₹10 फेस वैल्यू वाले प्रत्येक इक्विटी शेयर पर ₹3 अंतिम डिविडेंड की सिफारिश की है। यह प्रस्ताव आगामी वार्षिक आम बैठक (AGM) में शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन रहेगा।
दहेज और कोच्चि टर्मिनल का मजबूत प्रदर्शन
खाड़ी क्षेत्र में आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित होने के बावजूद कंपनी का दहेज LNG टर्मिनल 90.1% क्षमता उपयोग के साथ मजबूत प्रदर्शन करता रहा।
वहीं, कोच्चि टर्मिनल ने FY26 में 68 TBTU का अब तक का सबसे अधिक वार्षिक वॉल्यूम थ्रूपुट दर्ज किया। कंपनी प्रबंधन को उम्मीद है कि जून 2026 से सप्लाई चेन स्थिर होने के बाद वॉल्यूम में और सुधार देखने को मिलेगा।
FY27 में ₹9,000 करोड़ CAPEX योजना
पेट्रोनेट LNG आने वाले वर्षों में बड़े विस्तार की तैयारी कर रही है। कंपनी ने FY27 के लिए लगभग ₹9,000 करोड़ के CAPEX की योजना बनाई है।
इसमें सबसे बड़ा निवेश पेट्रोकेमिकल प्रोजेक्ट में होगा, जिस पर लगभग ₹7,500 करोड़ खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा कंपनी तीसरे जेट्टी प्रोजेक्ट, अतिरिक्त LNG स्टोरेज टैंक और गोपालपुर व कोच्चि में नई इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधाओं पर भी काम कर रही है।
नए ग्लोबल कॉन्ट्रैक्ट से सप्लाई मजबूत
कंपनी ने LNG सप्लाई पोर्टफोलियो को मजबूत करने के लिए नए अंतरराष्ट्रीय समझौते भी किए हैं। अप्रैल 2026 से ExxonMobil के साथ नया अनुबंध शुरू हो चुका है, जबकि मई 2026 से Equinor के साथ भी LNG कार्गो सप्लाई अनुबंध लागू होगा।
इन समझौतों से कंपनी को सप्लाई जोखिम कम करने और भविष्य में LNG वॉल्यूम बढ़ाने में मदद मिलेगी।
