REC Limited ने भारत के ऊर्जा क्षेत्र में डिजिटल बदलाव को बढ़ावा देने के लिए New Delhi में India Energy Stack (IES) पर एक महत्वपूर्ण कार्यशाला आयोजित की।
इस कार्यशाला में टास्क फोर्स और एक्सपर्ट वर्किंग ग्रुप (EWG) के सदस्यों ने भाग लिया और IES के सफल कार्यान्वयन के लिए रणनीति तैयार करने पर विचार-विमर्श किया।
नेतृत्व की भूमिका

कार्यक्रम की शुरुआत Jitendra Srivastava, CMD, REC Limited के संबोधन से हुई।
उन्होंने हाल ही में आयोजित DISCOM केंद्रित कार्यशाला (23 अप्रैल 2026) का उल्लेख करते हुए बताया कि IES को लागू करने के लिए ऑपरेशनल तैयारियां तेजी से आगे बढ़ रही हैं।
REC की रणनीतिक पहल
इस कार्यशाला के जरिए REC Limited ने तीन प्रमुख लक्ष्यों पर फोकस किया:
स्टेकहोल्डर समन्वय
ऊर्जा क्षेत्र के सभी हितधारकों को एक मंच पर लाकर IES के लिए साझा दृष्टिकोण तैयार करना।
कार्यान्वयन रोडमैप
ऑपरेशनल, आर्थिक, तकनीकी और नियामकीय पहलुओं को ध्यान में रखते हुए IES का स्पष्ट रोडमैप तैयार करना।
चुनौतियों का समाधान
शुरुआती स्तर पर संभावित बाधाओं की पहचान कर उन्हें दूर करने की रणनीति बनाना।
India Energy Stack (IES) में REC की भूमिका
India Energy Stack भारत के ऊर्जा क्षेत्र के लिए एक डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर है, जिसमें REC Limited महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
यह पहल:
- DISCOMs की कार्यक्षमता बढ़ाएगी
- डेटा-आधारित निर्णय लेने को मजबूत करेगी
- ऊर्जा वितरण को अधिक पारदर्शी बनाएगी
भविष्य की दिशा
REC Limited द्वारा आयोजित इस कार्यशाला से प्राप्त सुझाव IES के तेजी से कार्यान्वयन में मदद करेंगे।
यह कदम भारत के ऊर्जा क्षेत्र को डिजिटल, कुशल और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
