REC Limited ने मार्च तिमाही (Q4 FY26) में ₹3,375 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो साल-दर-साल 22% कम है।
हालांकि, पूरे वित्त वर्ष FY26 में कंपनी ने ₹16,308 करोड़ का अब तक का सबसे अधिक वार्षिक मुनाफा दर्ज किया।
Q4 में गिरावट की वजह
Q4 के कमजोर प्रदर्शन के पीछे प्रमुख कारण रहे:
- ब्याज आय में गिरावट
- खर्चों में वृद्धि
- मार्जिन पर दबाव
प्रमुख आंकड़े (Q4 FY26):
- नेट प्रॉफिट: ₹3,375 करोड़ (↓22%)
- कुल आय: ₹14,583 करोड़ (↓ YoY)
- ब्याज आय: ₹14,119 करोड़
- खर्च: ₹10,168 करोड़ (↑ YoY)
FY26 में रिकॉर्ड प्रदर्शन
कमजोर तिमाही के बावजूद सालाना प्रदर्शन शानदार रहा:
- नेट प्रॉफिट: ₹16,308 करोड़ (रिकॉर्ड)
- कुल आय: ₹59,628 करोड़ (↑ YoY)
- ब्याज आय: ₹57,860 करोड़
यह ग्रोथ मजबूत लेंडिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंसिंग की मांग से संभव हुई।
लोन बुक में जबरदस्त बढ़ोतरी
REC Limited का लोन बुक FY26 में बढ़कर:
👉 ₹5.84 लाख करोड़ (ऑल-टाइम हाई)
यह पावर, ट्रांसमिशन, डिस्ट्रीब्यूशन और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में बढ़ती फंडिंग मांग को दर्शाता है।
रिन्यूएबल एनर्जी में तेजी
कंपनी का ग्रीन एनर्जी फोकस भी तेजी से बढ़ रहा है:
- रिन्यूएबल लोन बुक: ₹75,347 करोड़
- ग्रोथ: 30% YoY
इसमें सोलर, विंड, बैटरी स्टोरेज और ग्रीन हाइड्रोजन प्रोजेक्ट शामिल हैं।
ऑपरेशनल ग्रोथ
FY26 में कंपनी के प्रमुख बिजनेस इंडिकेटर्स:
- लोन सैंक्शन: ₹4.09 लाख करोड़ (↑21%)
- डिस्बर्समेंट: ₹2.11 लाख करोड़ (↑10%)
- नेट वर्थ: ₹84,290 करोड़ (↑9%)
डिविडेंड अपडेट
REC Limited ने FY26 के लिए:
- फाइनल डिविडेंड: ₹1.55 प्रति शेयर
- कुल डिविडेंड: ₹18.55 प्रति शेयर
भविष्य का आउटलुक
विशेषज्ञों के अनुसार:
- रिन्यूएबल एनर्जी और इंफ्रास्ट्रक्चर में बढ़ती मांग
- भारत की ऊर्जा ट्रांजिशन योजनाएं
- मजबूत लोन पाइपलाइन
👉 ये सभी कारक REC की दीर्घकालिक ग्रोथ को मजबूत बनाए रखेंगे।
ध्यान देने योग्य जोखिम
- Q4 में मार्जिन प्रेशर
- ब्याज आय में उतार-चढ़ाव
- बढ़ती लागत
