General Insurance Corporation of India (GIC Re) को आयकर विभाग की ओर से ₹350.47 करोड़ का टैक्स डिमांड नोटिस प्राप्त हुआ है। यह नोटिस वित्त वर्ष 2023-24 के आकलन वर्ष से संबंधित है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि इस नोटिस का उसके संचालन और वित्तीय स्थिति पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
टैक्स नोटिस का विवरण
मुंबई के आयकर विभाग ने आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 156 के तहत यह डिमांड नोटिस जारी किया है। कुल देनदारी ₹350,47,88,210 बताई गई है, जो आकलन वर्ष 2023-24 से संबंधित है।
किन बिंदुओं पर हुआ विवाद
यह टैक्स मांग धारा 143(3) के तहत किए गए आकलन के बाद सामने आई है, जिसमें कई मुद्दों पर आपत्ति जताई गई है:
- ट्रांसफर प्राइसिंग (TP) एडिशन: ₹88.84 करोड़
- संदिग्ध ऋण (Provision for Doubtful Debts): ₹329.48 करोड़
- बिना रजिस्ट्रेशन वाले GST संस्थानों को भुगतान: ₹565.01 करोड़
- निवेश प्रीमियम का अमोर्टाइजेशन: ₹52.81 करोड़
- धारा 14A के तहत खर्च की अस्वीकृति: ₹2.70 करोड़
कंपनी की प्रतिक्रिया
कंपनी प्रबंधन ने कहा है कि इस नोटिस का उसके व्यवसाय या वित्तीय स्थिति पर कोई महत्वपूर्ण असर नहीं पड़ेगा।
साथ ही, General Insurance Corporation of India ने टैक्स विशेषज्ञों से परामर्श के बाद इस आदेश को चुनौती देने का निर्णय लिया है।
कंपनी अगले 30 दिनों के भीतर National Faceless Appeal Centre (NFAC) में अपील दायर करेगी, जहां वह आयकर विभाग द्वारा की गई जोड़-तोड़ (additions) को चुनौती देगी।
₹350.47 करोड़ के इस टैक्स नोटिस के बावजूद GIC Re ने स्पष्ट किया है कि उसकी वित्तीय स्थिति मजबूत बनी हुई है। अब सभी की नजर कंपनी की NFAC में दायर होने वाली अपील पर रहेगी, जो इस मामले के अंतिम परिणाम को तय करेगी।
