कैबिनेट की मंजूरी: अरुणाचल प्रदेश में 1720 मेगावाट कमला जलविद्युत परियोजना को हरी झंडी, NHPC और अरुणाचल सरकार मिलकर करेंगे विकास

NHPC Limited की कमला जलविद्युत परियोजना को कैबिनेट से मंजूरी मिली है। 1720 मेगावाट क्षमता वाले इस प्रोजेक्ट से अरुणाचल प्रदेश में ऊर्जा उत्पादन बढ़ेगा और क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी।

Cabinet Committee on Economic Affairs ने NHPC Limited की कमला जलविद्युत परियोजना (HEP) के लिए ₹26,069.50 करोड़ के निवेश प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह परियोजना अरुणाचल प्रदेश के कामले, क्रा दादी और कुरुंग कुमे जिलों में विकसित की जाएगी।

प्रधानमंत्री Narendra Modi की अध्यक्षता में लिए गए इस फैसले के तहत परियोजना को पूरा करने में लगभग 96 महीने लगने का अनुमान है।

1720 मेगावाट क्षमता से होगा बड़ा बिजली उत्पादन

इस परियोजना की कुल स्थापित क्षमता 1720 मेगावाट (8×210 MW + 1×40 MW) होगी और इससे हर साल लगभग 6870 मिलियन यूनिट बिजली उत्पन्न होने की उम्मीद है।

इससे:

  • बिजली आपूर्ति मजबूत होगी
  • पीक डिमांड मैनेजमेंट आसान होगा
  • राष्ट्रीय ग्रिड संतुलन बेहतर होगा
  • ब्रह्मपुत्र घाटी में बाढ़ नियंत्रण में मदद मिलेगी

NHPC Limited और राज्य सरकार मिलकर करेंगे विकास

यह परियोजना NHPC Limited और अरुणाचल प्रदेश सरकार के संयुक्त उद्यम के तहत लागू की जाएगी।

केंद्र सरकार द्वारा:

  • ₹4,743.98 करोड़ बाढ़ नियंत्रण के लिए
  • ₹1,340 करोड़ इंफ्रास्ट्रक्चर (सड़क, पुल, ट्रांसमिशन)
  • ₹750 करोड़ राज्य की इक्विटी सहायता

दी जाएगी।

इंफ्रास्ट्रक्चर और स्थानीय विकास को बढ़ावा

परियोजना से:

  • लगभग 196 किमी सड़क और पुल निर्माण
  • अस्पताल, स्कूल और बाजार जैसी सुविधाओं का विकास
  • ₹8 करोड़ का लोकल डेवलपमेंट फंड

स्थानीय लोगों को रोजगार, मुआवजा और CSR का लाभ मिलेगा।

राज्य को मिलेगा सीधा फायदा

  • 12% मुफ्त बिजली
  • 1% बिजली LADF के लिए
  • क्षेत्रीय आर्थिक विकास को बढ़ावा

पूर्वोत्तर में NHPC की अन्य परियोजनाएं

NHPC Limited पूर्वोत्तर भारत में कई बड़े प्रोजेक्ट पर काम कर रही है, जिनमें:

  • सुबनसिरी लोअर (2000 मेगावाट)
  • दिबांग (2880 मेगावाट)
  • एटालिन (3097 मेगावाट)

शामिल हैं।

NHPC Limited की यह परियोजना उत्तर-पूर्व भारत में ऊर्जा उत्पादन, बुनियादी ढांचे और आर्थिक विकास को नई गति देगी। यह भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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