Bank Strike: 28 से 30 सितंबर तक नहीं बंद होंगी Cooperative Banks की सेवाएं

नई दिल्ली, 25 सितंबर 2026: देशभर में 28 से 30 सितंबर 2026 तक प्रस्तावित तीन दिवसीय बैंक हड़ताल के बीच सहकारी बैंकिंग क्षेत्र ने ग्राहकों के लिए राहत की खबर दी है। National Federation of Urban Cooperative Banks and Credit Societies (NAFCUB), National Urban Cooperative Finance and Development Corporation (NUCFDC) और National Federation of State Cooperative Banks (NAFSCOB) ने कहा है कि सहकारी बैंकिंग संस्थानों ने हड़ताल में शामिल होने का प्रस्ताव नहीं दिया है।

इन संगठनों के अनुसार, देशभर में करीब 1,450 Urban Cooperative Banks (UCBs), 34 State Cooperative Banks (StCBs) और 351 District Central Cooperative Banks (DCCBs) सामान्य परिचालन व्यवस्था के अनुसार ग्राहकों, सदस्यों और कारोबारियों को बैंकिंग सेवाएं देते रहेंगे।

28-30 सितंबर की बैंक हड़ताल का क्या होगा असर?

United Forum of Bank Unions (UFBU) ने 28, 29 और 30 सितंबर को तीन दिवसीय देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। सरकारी जानकारी के मुताबिक, यह हड़ताल मुख्य रूप से बैंकों में पांच-दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग को लेकर प्रस्तावित है।

हालांकि, सहकारी बैंकिंग क्षेत्र के तीन प्रमुख प्रतिनिधि संगठनों ने स्पष्ट किया है कि उनके सदस्य संस्थानों की ओर से इस हड़ताल में शामिल होने की घोषणा नहीं की गई है। इसलिए संबंधित सहकारी बैंक अपनी सामान्य परिचालन व्यवस्था के अनुसार सेवाएं उपलब्ध करा सकते हैं।

ग्राहकों को कौन-कौन सी सेवाएं मिलेंगी?

ग्राहक अपने संबंधित सहकारी बैंक की उपलब्ध सुविधाओं के अनुसार जमा, निकासी, रेमिटेंस और अन्य शाखा आधारित बैंकिंग लेनदेन कर सकेंगे। किसानों और सदस्यों के लिए कृषि तथा ग्रामीण ऋण से जुड़ी सेवाएं भी संबंधित बैंकों की व्यवस्था के अनुसार उपलब्ध रहेंगी।

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इसके अलावा Urban Cooperative Banks के ग्राहक कारोबार, छोटे व्यवसाय और अन्य बैंकिंग जरूरतों के लिए उपलब्ध सेवाओं का इस्तेमाल कर सकते हैं।

ATM, मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग, UPI और अन्य डिजिटल चैनल भी उन बैंकों में उपलब्ध रहेंगे, जहां ये सुविधाएं संचालित हैं। ग्राहकों को किसी विशेष सेवा की उपलब्धता के लिए अपने बैंक या नजदीकी शाखा से संपर्क करने की सलाह दी गई है।

ग्रामीण और स्थानीय अर्थव्यवस्था में अहम भूमिका

सहकारी बैंकिंग नेटवर्क की ग्रामीण, अर्ध-शहरी और शहरी क्षेत्रों में व्यापक मौजूदगी है। ये संस्थान किसानों, ग्रामीण परिवारों, छोटे कारोबारियों, व्यापारियों और स्थानीय उद्यमियों को बैंकिंग एवं वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

NAFCUB, NUCFDC और NAFSCOB ने ग्राहक सेवा, वित्तीय समावेशन और सुलभ बैंकिंग सेवाओं के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। इस तरह, 28 से 30 सितंबर के दौरान सहकारी बैंक ग्राहकों को सामान्य परिचालन व्यवस्था के तहत सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम करेंगे।