मुंबई, 25 सितंबर 2026: भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) में शीर्ष स्तर पर बड़ा बदलाव हुआ है। सरकार ने LIC के Managing Director और Key Managerial Personnel (KMP) दिनेश पंत के Voluntary Retirement (VRS) को मंजूरी दे दी है। कंपनी ने 25 सितंबर को स्टॉक एक्सचेंजों को दी जानकारी में बताया कि मंजूरी के बाद पंत को निगम की सेवाओं से मुक्त कर दिया गया और वह 24 सितंबर 2026 की कारोबारी अवधि समाप्त होने के बाद LIC के MD और KMP नहीं रहे।
LIC ने यह भी बताया कि दिनेश पंत अब कंपनी की Information Technology Strategy Committee के चेयरपर्सन नहीं हैं। इसके अलावा वह LIC की Executive Committee और Investment Committee के सदस्य भी नहीं रहे।
2025 में संभाली थी MD की जिम्मेदारी
LIC की आधिकारिक प्रोफाइल के अनुसार, दिनेश पंत ने 1 जून 2025 से Managing Director का पद संभाला था। इससे पहले वह LIC में Appointed Actuary और Executive Director (Actuarial) के रूप में काम कर चुके थे।
पंत ने वर्ष 1989 में LIC में Direct Recruit Officer के तौर पर करियर शुरू किया था। अपने लंबे कार्यकाल के दौरान उन्होंने मार्केटिंग, निवेश, एक्ट्यूरी, न्यू बिजनेस और लीगल सहित कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में जिम्मेदारियां संभालीं।
LIC के IPO में भी रही अहम भूमिका
Appointed Actuary के तौर पर दिनेश पंत LIC की Key Management टीम का हिस्सा रहे और 2022 में LIC के मेगा IPO की योजना और लॉन्च में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। LIC की आधिकारिक प्रोफाइल के अनुसार, उन्होंने उत्पाद, वैल्यूएशन और रिस्क मैनेजमेंट से जुड़े क्षेत्रों में भी शीर्ष प्रबंधन और बोर्ड को सलाह दी।
वह Institute of Actuaries of India और Institute and Faculty of Actuaries, UK के Fellow Member हैं। उनके पास Engineering और Law की डिग्री के साथ MBA की डिग्री भी है।
IRDAI से भी जुड़ा है उनका करियर
उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, पंत को इस वर्ष जून में Insurance Regulatory and Development Authority of India (IRDAI) में Whole-Time Member (Actuary) के रूप में नियुक्त किया गया था। ऐसे में LIC से उनका VRS उनके पेशेवर करियर में एक महत्वपूर्ण बदलाव है।
LIC की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध बोर्ड संरचना में पंत को जुलाई 2026 तक Managing Director के रूप में सूचीबद्ध किया गया था।
पंत के कार्यकाल के दौरान LIC की बोर्ड और विभिन्न समितियों में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। वह Investment Committee, Risk Management Committee और With-Profit Committee सहित कई समितियों से जुड़े रहे थे।
सरकार की मंजूरी के बाद अब LIC में उनके कार्यकाल का औपचारिक रूप से समापन हो गया है। आगे कंपनी के बोर्ड और प्रबंधन ढांचे में होने वाले बदलावों पर निवेशकों की नजर रहेगी।