Bharat Petroleum Corporation Limited (BPCL) की कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) पहल के तहत देशभर के 75 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों (EMRS) में स्थापित 75 स्पेस लैब्स का उद्घाटन भारत की राष्ट्रपति Droupadi Murmu ने किया। यह पहल जनजातीय विद्यार्थियों तक विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) आधारित आधुनिक शिक्षा पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
इस अवसर पर BPCL के कार्यकारी निदेशक (एचआरएस) डी. पार्थसारथी, डीजीएम (वित्त-सीएसआर) राजेश तिखे तथा सहायक कार्यकारी (सीएसआर) शिवानी यादव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

जनजातीय छात्रों को मिलेगा अंतरिक्ष विज्ञान का व्यावहारिक अनुभव
यह परियोजना BPCL द्वारा Ministry of Tribal Affairs के सहयोग से लागू की गई है। स्पेस लैब्स का विकास भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) से मान्यता प्राप्त स्पेस ट्यूटर एजेंसियों के तकनीकी मार्गदर्शन में किया गया है।
इन स्पेस लैब्स का उद्देश्य जनजातीय छात्रों को अनुभवात्मक (Experiential) STEM शिक्षा उपलब्ध कराना है, ताकि वे आधुनिक वैज्ञानिक विषयों को व्यावहारिक रूप से समझ सकें।
19 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के 50,000 छात्रों को लाभ
BPCL के अनुसार, इस पहल से देश के 19 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में स्थित 75 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों के लगभग 50,000 विद्यार्थियों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
इन प्रयोगशालाओं के माध्यम से छात्र निम्न क्षेत्रों की जानकारी और प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे:
- एयरोस्पेस (Aerospace)
- खगोल विज्ञान (Astronomy)
- उपग्रह प्रौद्योगिकी (Satellite Technology)
- रोबोटिक्स (Robotics)
- अंतरिक्ष विज्ञान (Space Science)
- उभरती वैज्ञानिक एवं तकनीकी अवधारणाएं
राष्ट्रपति ने विज्ञान शिक्षा के विस्तार पर दिया जोर
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने वैज्ञानिक शिक्षा की परिवर्तनकारी क्षमता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि देशभर के अधिक से अधिक जनजातीय विद्यार्थियों तक उन्नत शिक्षण सुविधाएं पहुंचाने के लिए ऐसे और स्पेस लैब्स स्थापित किए जाने चाहिए।
उन्होंने विज्ञान और प्रौद्योगिकी आधारित शिक्षा को सामाजिक सशक्तिकरण तथा राष्ट्र निर्माण का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।
समावेशी और भविष्य-उन्मुख भारत की दिशा में BPCL की पहल
BPCL ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आधुनिक तकनीक तक समान पहुंच एक समावेशी तथा भविष्य के लिए तैयार भारत के निर्माण की आधारशिला है।
कंपनी का मानना है कि इस प्रकार की पहलें न केवल विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच और नवाचार को प्रोत्साहित करती हैं, बल्कि समाज के वंचित वर्गों को भी नई संभावनाओं से जोड़ती हैं। CSR के माध्यम से BPCL शिक्षा, कौशल विकास और सामुदायिक सशक्तिकरण के क्षेत्र में लगातार निवेश कर रही है।
विज्ञान, नवाचार और अवसरों का नया द्वार
विशेषज्ञों का मानना है कि जनजातीय क्षेत्रों के विद्यार्थियों को प्रारंभिक स्तर पर अंतरिक्ष विज्ञान, रोबोटिक्स और तकनीकी शिक्षा से जोड़ना भविष्य में वैज्ञानिक अनुसंधान, नवाचार और उच्च तकनीकी क्षेत्रों में उनकी भागीदारी बढ़ाने में सहायक होगा।
यह पहल भारत के वैज्ञानिक और तकनीकी विकास में व्यापक सामाजिक सहभागिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
