NHPC CSR Initiative: महिलाओं के कैंसर स्क्रीनिंग के लिए मोबाइल मेडिकल यूनिट लॉन्च, दिल्ली-NCR की हजारों महिलाओं को मिलेगा लाभ

NHPC ने CSR पहल के तहत महिलाओं के लिए AI-आधारित मोबाइल मेडिकल यूनिट लॉन्च की है। यह यूनिट दिल्ली-NCR और फरीदाबाद में हर महीने 1500-2000 महिलाओं को ब्रेस्ट और सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग, प्रिवेंटिव हेल्थकेयर और मासिक धर्म स्वच्छता जागरूकता सेवाएं प्रदान करेगी।

NHPC Limited ने अपनी CSR पहल के तहत महिलाओं की प्रिवेंटिव हेल्थकेयर और ब्रेस्ट एवं सर्वाइकल कैंसर की शुरुआती पहचान के लिए एक अत्याधुनिक मोबाइल मेडिकल यूनिट (MMU) की शुरुआत की है। यह पहल 22 मई 2026 को National Commission for Women में विश्व मासिक धर्म स्वच्छता सप्ताह के अवसर पर शुरू की गई।

इस मोबाइल मेडिकल यूनिट का उद्घाटन केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री Savitri Thakur ने किया। इस अवसर पर NCW की अध्यक्ष Vijaya K. Rahatkar, अतिरिक्त सचिव बी. राधिका चक्रवर्ती तथा NHPC लेडीज क्लब की अध्यक्ष शिखा गुप्ता भी मौजूद रहीं।

NHPC की यह CSR पहल क्यों है खास?

भारत में महिलाओं में ब्रेस्ट और सर्वाइकल कैंसर तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य चुनौतियों में शामिल हैं। सामान्य स्वास्थ्य शिविरों की तुलना में यह मोबाइल मेडिकल यूनिट अधिक उन्नत और तकनीक-आधारित सुविधा प्रदान करेगी।

यह परियोजना SheWings Foundation के माध्यम से लागू की जा रही है, जिसके लिए NHPC और संस्था के बीच 13 फरवरी 2026 को समझौता ज्ञापन (MoU) हस्ताक्षरित किया गया था।

विशेषज्ञों के अनुसार, AI-आधारित स्क्रीनिंग तकनीक पारंपरिक जांच पद्धतियों की तुलना में अधिक तेज और प्रभावी मानी जाती है, जिससे शुरुआती चरण में कैंसर की पहचान संभव हो सकेगी।

मोबाइल मेडिकल यूनिट में क्या-क्या सुविधाएं हैं?

यह MMU अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक तकनीकों से लैस है, जिनमें शामिल हैं:

  • Thermalytix 360 Breast Screening System
  • Pap Smear Testing
  • Portable Colposcopy System
  • डिजिटल हेल्थ सपोर्ट
  • मासिक धर्म स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम

इन सुविधाओं की मदद से दिल्ली-NCR और फरीदाबाद की आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं को सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।

हर महीने 2000 महिलाओं तक पहुंचेगी सेवा

NHPC के अनुसार, यह मोबाइल मेडिकल यूनिट हर महीने लगभग 1500 से 2000 महिलाओं को कैंसर स्क्रीनिंग और हेल्थ अवेयरनेस सेवाएं प्रदान करेगी।

कॉर्पोरेट CSR परियोजनाओं की तुलना करें तो NHPC की यह पहल केवल जागरूकता तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें AI-आधारित डायग्नोस्टिक और ऑन-ग्राउंड हेल्थ सपोर्ट को भी जोड़ा गया है। यही कारण है कि इसे महिलाओं की प्रिवेंटिव हेल्थकेयर में एक प्रभावी मॉडल माना जा रहा है।

महिलाओं की स्वास्थ्य सुरक्षा में बड़ा कदम

विशेषज्ञ मानते हैं कि समय पर स्क्रीनिंग और जागरूकता से ब्रेस्ट एवं सर्वाइकल कैंसर के मामलों में मृत्यु दर को काफी हद तक कम किया जा सकता है। ऐसे में NHPC की यह CSR पहल सरकारी और निजी संस्थानों के लिए एक उदाहरण बन सकती है।

यदि अन्य कंपनियां भी इसी तरह तकनीक-आधारित महिला स्वास्थ्य कार्यक्रम अपनाती हैं, तो देशभर में महिलाओं की स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता दोनों में बड़ा सुधार देखने को मिल सकता है।