सिंगरौली के दूरस्थ गांवों और आदिवासी बस्तियों में, जहां कभी बच्चों का बचपन गरीबी और संसाधनों की कमी से घिरा रहता था, वहां अब शिक्षा के माध्यम से बदलाव की नई कहानी लिखी जा रही है। Northern Coalfields Limited (एनसीएल) अपनी CSR पहल “सेवा कुटीर” के जरिए हजारों बच्चों के जीवन में नई रोशनी ला रही है।
25 गांवों में शिक्षा और पोषण का अभियान
एनसीएल ने परिवार एजुकेशन सोसायटी के सहयोग से सिंगरौली के 25 गांवों में “सेवा कुटीर” केंद्र शुरू किए हैं। इन केंद्रों में बच्चों को पूरक शिक्षा के साथ दिन में दो बार पौष्टिक भोजन भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
इसके अलावा बच्चों के समग्र विकास के लिए खेलकूद, योग, कहानी सुनाना, चित्रकला, हस्तशिल्प और नैतिक शिक्षा जैसी गतिविधियां भी आयोजित की जा रही हैं। इससे बच्चों में आत्मविश्वास, अनुशासन और सीखने की रुचि बढ़ रही है।

2,000 से अधिक बच्चों को मिल रहा लाभ
वर्तमान में इस पहल से 2,000 से अधिक बच्चे लाभान्वित हो रहे हैं। प्रत्येक बच्चे का प्रारंभिक मूल्यांकन कर उनकी सीखने की क्षमता के अनुसार शिक्षा दी जाती है।
इसके परिणामस्वरूप कई प्रथम पीढ़ी के शिक्षार्थियों में पढ़ाई के प्रति नई रुचि विकसित हुई है। वहीं, बच्चों को प्रतिष्ठित आवासीय विद्यालयों जैसे Jawahar Navodaya Vidyalaya और Eklavya Model Residential School में प्रवेश के लिए भी तैयार किया जा रहा है।
प्रतियोगी परीक्षाओं में मिली सफलता
पिछले वर्ष दिसंबर में सेवा कुटीर केंद्रों के 89 छात्रों ने नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा में हिस्सा लिया। वहीं, 131 बच्चों के आवेदन एकलव्य विद्यालयों में प्रवेश के लिए भेजे गए।
जमथीवा की सुनीता देवी, हरिजन बस्ती के विकास बैगा और सिंदुरिया टोला की नीलम देवी जैसे बच्चों ने कठिन परिस्थितियों से निकलकर एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल की प्रवेश परीक्षा सफलतापूर्वक पास की।
बच्चों के सपनों को मिल रहा नया आसमान
एनसीएल की “सेवा कुटीर” पहल केवल शिक्षा कार्यक्रम नहीं, बल्कि बच्चों के सपनों को नई उड़ान देने वाला सामाजिक अभियान बन चुकी है। यह पहल दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों में आत्मविश्वास और बेहतर भविष्य की उम्मीद जगा रही है।
मुख्य बिंदु:
- एनसीएल की CSR पहल “सेवा कुटीर” 25 गांवों में संचालित
- 2,000 से अधिक बच्चों को शिक्षा और पोषण का लाभ
- बच्चों के लिए खेल, योग, कला और नैतिक शिक्षा की व्यवस्था
- नवोदय और एकलव्य विद्यालय प्रवेश परीक्षा की तैयारी
- कई बच्चों ने प्रतिष्ठित विद्यालयों में प्रवेश परीक्षा पास की
