धनबाद: बिजली क्षेत्र की बढ़ती कोयला मांग को पूरा करने और कोयला प्रेषण एवं निकासी व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में BCCL के सीएमडी श्री मनोज कुमार अग्रवाल ने लोदना क्षेत्र की गोल-6 एवं 9 साइडिंग का निरीक्षण किया और वहां चल रहे कोयला प्रेषण कार्यों की समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान सीएमडी ने साइडिंग की कार्यप्रणाली, कोयला निकासी की गति और परिचालन व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और फील्ड कर्मियों के साथ चर्चा कर प्रेषण बढ़ाने के लिए जरूरी उपायों पर दिशा-निर्देश दिए।
रोजाना 10 रेक प्रेषण का लक्ष्य
गोल-6 एवं 9 साइडिंग BCCL के महत्वपूर्ण कोयला प्रेषण केंद्रों में शामिल है। वर्तमान में यहां प्रतिदिन करीब 7 से 8 रेक कोयला भेजा जा रहा है।
सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल ने टीम को तत्काल प्रभाव से प्रेषण बढ़ाकर 9 रेक प्रतिदिन करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही उन्होंने एक सप्ताह के भीतर प्रतिदिन 10 रेक प्रेषण का लक्ष्य हासिल करने को कहा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि बढ़े हुए प्रेषण लक्ष्य को हासिल करने के लिए फील्ड स्तर पर बेहतर समन्वय, समयबद्ध कार्रवाई और उपलब्ध साइडिंग एवं उपकरणों का अधिकतम उपयोग जरूरी है।
24 घंटे परिचालन के लिए तैयार रखने के निर्देश
सीएमडी ने साइडिंग में प्रकाश व्यवस्था और क्रशर संचालन की भी समीक्षा की। उन्होंने खास तौर पर रात्रिकालीन परिचालन के दौरान पर्याप्त और प्रभावी प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने संबंधित टीमों को साइडिंग और उससे जुड़े उपकरणों को 24 घंटे परिचालन के लिए तैयार रखने पर जोर दिया, ताकि कोयला प्रेषण में किसी तरह का अनावश्यक व्यवधान न आए।
सीएमडी ने अधिकारियों और कर्मचारियों से संवाद करते हुए कहा कि सभी संबंधित टीमें आपसी तालमेल के साथ काम करें और परिचालन के दौरान सामने आने वाली किसी भी बाधा का तत्काल समाधान सुनिश्चित करें।
रखितपुर साइडिंग की भी ली जानकारी
गोल-6 एवं 9 साइडिंग के निरीक्षण के बाद BCCL के सीएमडी ने निर्माणाधीन रखितपुर रेलवे साइडिंग का भी दौरा किया। उन्होंने साइडिंग की वर्तमान स्थिति और भविष्य में कोयला निकासी के लिए इसकी संभावित उपयोगिता का आकलन किया।
निरीक्षण के दौरान मौजूदा कोयला निकासी व्यवस्था से जुड़ी चुनौतियों पर भी चर्चा हुई। इनमें नो-एंट्री प्रतिबंध और बस्ताकोला साइडिंग में यातायात दबाव एवं जाम जैसी समस्याएं प्रमुख हैं।
सीएमडी ने इन चुनौतियों को देखते हुए रखितपुर साइडिंग की संभावनाओं की समीक्षा की। साथ ही, भविष्य में प्रस्तावित प्रोजेक्ट ब्लॉक एफ (13 MTPA) से कोयला निकासी के लिए इस साइडिंग के इस्तेमाल की संभावनाओं पर भी विचार किया गया।
बिजली क्षेत्र को निर्बाध कोयला आपूर्ति पर फोकस
BCCL द्वारा कोयला प्रेषण और निकासी क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ मौजूदा बुनियादी ढांचे के बेहतर इस्तेमाल पर लगातार जोर दिया जा रहा है। कंपनी भविष्य की उत्पादन आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक और अतिरिक्त कोयला प्रेषण व्यवस्थाओं को मजबूत करने की दिशा में भी काम कर रही है।
इन प्रयासों का मुख्य उद्देश्य बिजली क्षेत्र को निर्बाध और समयबद्ध कोयला आपूर्ति सुनिश्चित करना है। इससे देश की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में भी मदद मिलेगी।
सीएमडी के इस निरीक्षण से स्पष्ट है कि BCCL कोयला उत्पादन के साथ-साथ तेज और कुशल कोयला डिस्पैच सिस्टम को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दे रही है।