Coal India: मानसून के बाद कोयला उत्पादन में तेज उछाल, दैनिक आउटपुट करीब 40% बढ़ा

नई दिल्ली: मानसून की बारिश कमजोर पड़ने के साथ देश की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक कंपनी Coal India Limited (CIL) के उत्पादन और कोयला डिस्पैच में तेजी देखने को मिली है। बारिश के कारण प्रभावित खनन क्षेत्रों में परिचालन स्थितियों में सुधार के बाद कंपनी ने दैनिक उत्पादन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की है।

सितंबर की शुरुआत में भारी बारिश के कारण कोयला उत्पादन और परिवहन गतिविधियां प्रभावित हुई थीं। अब मौसम में सुधार के साथ खदानों में परिचालन और परिवहन मार्गों की स्थिति बेहतर हो रही है, जिससे कोयला उत्पादन को दोबारा गति मिली है।

दैनिक उत्पादन में करीब 40% की बढ़ोतरी

उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक सितंबर के शुरुआती बारिश प्रभावित दिनों में कोल इंडिया का औसत दैनिक उत्पादन करीब 1.36 मिलियन टन (MT) था। इसके बाद 6 सितंबर 2026 तक यह बढ़कर करीब 1.83 मिलियन टन प्रतिदिन पहुंच गया। यह कुछ ही दिनों में लगभग 35% की वृद्धि को दर्शाता है।

मानसून के कमजोर पड़ने के साथ कंपनी के उत्पादन में और तेजी आने की उम्मीद है। इससे बिजली क्षेत्र समेत अन्य उपभोक्ताओं को कोयले की आपूर्ति बढ़ाने में मदद मिलेगी।

पावर सेक्टर को कोयला डिस्पैच भी बढ़ा

उत्पादन में सुधार का सीधा असर बिजली संयंत्रों को होने वाली कोयला आपूर्ति पर भी दिखाई दिया है। सितंबर के शुरुआती दिनों में पावर सेक्टर को औसत दैनिक डिस्पैच करीब 1.37 मिलियन टन था, जो 6 सितंबर तक बढ़कर लगभग 1.70 मिलियन टन प्रतिदिन हो गया। यानी इसमें करीब 24% की वृद्धि दर्ज हुई।

यह सुधार ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब देश के कुछ ताप विद्युत संयंत्रों में कोयला स्टॉक को लेकर दबाव देखा गया है। सरकार और कोल इंडिया ने बिजली संयंत्रों तक कोयले की उपलब्धता बढ़ाने के लिए आपूर्ति और रेल मूवमेंट को तेज किया है।

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अगस्त में भी पावर सेक्टर को आपूर्ति बढ़ी

कोल इंडिया ने अगस्त 2026 में कुल 60.60 मिलियन टन कोयले की आपूर्ति की, जो पिछले वर्ष के समान महीने की तुलना में 5.5% अधिक थी। इसी दौरान पावर सेक्टर को कोयला आपूर्ति 4.5% बढ़कर 48.46 मिलियन टन रही।

हालांकि अगस्त में भारी बारिश के कारण उत्पादन प्रभावित हुआ था। अब बारिश कम होने के बाद खदानों में पानी निकासी, आंतरिक हॉल रोड की मरम्मत और परिचालन क्षेत्रों में सुधार से उत्पादन को सामान्य स्तर पर लाने में मदद मिल रही है।

कोयला स्टॉक और बिजली आपूर्ति पर नजर

देश में बिजली की मांग और कोयला आधारित बिजली उत्पादन बढ़ने के बीच कोयला आपूर्ति महत्वपूर्ण बनी हुई है। हालिया सरकारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल-अगस्त 2026 के दौरान पावर सेक्टर को कोयला आपूर्ति 4.5% बढ़कर 346.72 MT रही, जबकि कोयला आधारित बिजली उत्पादन में 9.1% की वृद्धि दर्ज हुई।

सरकार ने कोयला आपूर्ति में सुधार के लिए रेल के साथ सड़क परिवहन का भी इस्तेमाल बढ़ाया है। इससे उन बिजली संयंत्रों तक कोयला पहुंचाने में मदद मिल रही है जहां स्टॉक का स्तर दबाव में है।

मानसून के बाद उत्पादन और डिस्पैच में और तेजी की उम्मीद

कोल इंडिया के लिए मानसून के बाद उत्पादन और डिस्पैच बढ़ाने की क्षमता महत्वपूर्ण है। खदानों में परिचालन स्थितियां सामान्य होने के साथ कंपनी उत्पादन बढ़ाने, ओवरबर्डन रिमूवल और लॉजिस्टिक्स को मजबूत करने पर ध्यान दे रही है। हालिया रिपोर्टों में कंपनी के औसत दैनिक ओवरबर्डन रिमूवल में भी तेज बढ़ोतरी का उल्लेख किया गया है।

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कोयला उत्पादन और डिस्पैच में यह सुधार देश के बिजली क्षेत्र के लिए राहत देने वाला है। आने वाले दिनों में उत्पादन में निरंतर बढ़ोतरी से ताप विद्युत संयंत्रों की ईंधन उपलब्धता मजबूत होने और बिजली उत्पादन को स्थिर रखने में मदद मिल सकती है।