Bharat Heavy Electricals Limited (BHEL) ने NSTL DRDO के साथ Licensing Agreement for Transfer of Technology (LAToT) पर हस्ताक्षर किए हैं।
यह समझौता LM2500 Gas Turbine Infrared Suppression System (GT-IRSS) के स्वदेशी निर्माण, इंस्टॉलेशन और कमीशनिंग पर केंद्रित है, जो भारतीय नौसेना के जहाजों के लिए महत्वपूर्ण तकनीक है।
नौसेना रक्षा क्षेत्र में बड़ा कदम
इस साझेदारी के जरिए Bharat Heavy Electricals Limited भारत की नौसेना रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा।
- GT-IRSS सिस्टम जहाजों की इन्फ्रारेड सिग्नेचर को कम करता है
- इससे दुश्मन की निगरानी से बचाव संभव होता है
- नौसेना की ऑपरेशनल सुरक्षा में वृद्धि
‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा
यह समझौता भारत सरकार की Make in India पहल के अनुरूप है।
- हाई-टेक डिफेंस इक्विपमेंट का स्वदेशी निर्माण
- आयात पर निर्भरता में कमी
- घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा
टेक्नोलॉजी का पूरा दायरा
इस एग्रीमेंट के तहत:
- लोकल फैब्रिकेशन
- इंस्टॉलेशन
- कमीशनिंग
जैसी सभी प्रक्रियाएं भारत में ही पूरी की जाएंगी, जिससे तकनीकी आत्मनिर्भरता बढ़ेगी।
Bharat Heavy Electricals Limited का डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग पोर्टफोलियो मजबूत होगा।
उन्नत गैस टर्बाइन सिस्टम के स्थानीय इंटीग्रेशन की क्षमता विकसित होगी।
भारत की रक्षा अवसंरचना को स्वदेशी तकनीक से मजबूती मिलेगी।
Bharat Heavy Electricals Limited और NSTL DRDO के बीच यह समझौता भारत की रक्षा तकनीक और नौसेना क्षमता को नई ऊंचाइयों तक ले जाने वाला कदम है।
