नई दिल्ली। सार्वजनिक क्षेत्र की अग्रणी ऊर्जा कंपनी भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (BPCL) ने डिजिटल अर्थव्यवस्था में अपनी भागीदारी को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। कंपनी ने अपने मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन (MoA) में संशोधन कर डिजिटल और वर्चुअल भुगतान सेवाओं को आधिकारिक रूप से अपने व्यवसायिक दायरे में शामिल कर लिया है। इस प्रस्ताव को कंपनी की वार्षिक आम बैठक (AGM) में शेयरधारकों की मंजूरी प्राप्त हुई।
इस रणनीतिक निर्णय के साथ BPCL अब भारत के तेजी से बढ़ते डिजिटल पेमेंट सेक्टर में सक्रिय रूप से कार्य कर सकेगी। संशोधित प्रावधानों के अनुसार कंपनी यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI), Bharat QR, पेमेंट एग्रीगेशन, ई-वॉलेट, मोबाइल वॉलेट और पेमेंट गेटवे जैसी सेवाओं के विकास, संचालन, प्रबंधन और वितरण का कार्य कर सकेगी।
इसके अलावा BPCL को प्री-पेड और पोस्ट-पेड भुगतान साधनों के संचालन की भी अनुमति मिली है। कंपनी ओपन, क्लोज्ड और सेमी-क्लोज्ड भुगतान प्रणालियों के साथ-साथ Near Field Communication (NFC) आधारित भुगतान सेवाओं में भी अपनी उपस्थिति दर्ज करा सकेगी। यह विस्तार BPCL को केवल ऊर्जा क्षेत्र तक सीमित न रखते हुए डिजिटल वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में भी नई पहचान दिला सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार भारत में डिजिटल भुगतान का दायरा लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में BPCL का विशाल रिटेल नेटवर्क और देशभर में फैला उपभोक्ता आधार कंपनी को इस क्षेत्र में प्रतिस्पर्धात्मक लाभ प्रदान कर सकता है। पेट्रोल पंपों और अन्य सेवा केंद्रों के माध्यम से डिजिटल भुगतान समाधान उपलब्ध कराना कंपनी के लिए नए राजस्व स्रोत भी खोल सकता है।
MoA में किए गए संशोधन के तहत BPCL अब देश और विदेश दोनों स्तरों पर भुगतान सेवाएं उपलब्ध करा सकेगी। साथ ही कंपनी को बैंकों, वित्तीय संस्थानों और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFCs) के साथ साझेदारी और सहयोग करने का अधिकार भी प्राप्त होगा।
BPCL का यह कदम उसके व्यवसायिक विविधीकरण और तकनीक आधारित विकास की रणनीति को दर्शाता है। डिजिटल भुगतान सेवाओं में प्रवेश से कंपनी न केवल नए अवसरों का लाभ उठा सकेगी, बल्कि भारत के तेजी से विकसित हो रहे डिजिटल वित्तीय पारिस्थितिकी तंत्र में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेगी।