कोयला गैसीकरण से ऊर्जा आत्मनिर्भरता को मिलेगी नई गति: हैदराबाद रोडशो में केंद्रीय कोयला मंत्री ने साझा किया विजन

हैदराबाद में आयोजित सतही कोयला एवं लिग्नाइट गैसीकरण परियोजनाओं के रोडशो में केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने अधिकारियों और उद्योग प्रतिनिधियों के साथ भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता को मजबूत करने में कोयला गैसीकरण की भूमिका पर चर्चा की। ₹37,500 करोड़ की प्रोत्साहन योजना को ऊर्जा सुरक्षा, औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया।

सतही कोयला एवं लिग्नाइट गैसीकरण परियोजनाओं पर रोडशो में उद्योग जगत और हितधारकों ने की सहभागिता

सतही कोयला एवं लिग्नाइट गैसीकरण परियोजनाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हैदराबाद में आयोजित रोडशो में केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री G. Kishan Reddy के नेतृत्व में अधिकारियों, उद्योग प्रतिनिधियों और विभिन्न हितधारकों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान कोयला गैसीकरण के माध्यम से भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता को मजबूत करने और आयातित ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करने की दिशा में हो रहे प्रयासों पर विस्तार से चर्चा की गई।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि भारत के विशाल कोयला संसाधनों का उपयोग केवल ईंधन के रूप में ही नहीं, बल्कि मूल्यवर्धित उत्पादों के निर्माण के लिए भी किया जा सकता है। कोयला गैसीकरण तकनीक इस दिशा में एक महत्वपूर्ण माध्यम बनकर उभर रही है, जिससे रसायन, उर्वरक, सिंथेटिक गैस और अन्य औद्योगिक उत्पादों का उत्पादन संभव होगा।

₹37,500 करोड़ की प्रोत्साहन योजना से मिलेगा बड़ा बढ़ावा

केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई ₹37,500 करोड़ की कोयला गैसीकरण प्रोत्साहन योजना को भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल बताया गया। यह योजना घरेलू कोयला संसाधनों के बेहतर उपयोग को प्रोत्साहित करते हुए आयात निर्भरता कम करने, औद्योगिक निवेश आकर्षित करने और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन में सहायक होगी।

कार्यक्रम में यह भी रेखांकित किया गया कि यह पहल प्रधानमंत्री Narendra Modi के विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत के विजन के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य देश को ऊर्जा, उद्योग और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अधिक आत्मनिर्भर बनाना है।

विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में अहम भूमिका

विशेषज्ञों ने कहा कि कोयला गैसीकरण परियोजनाएं भारत के ऊर्जा मिश्रण को अधिक विविध और टिकाऊ बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देंगी। साथ ही, घरेलू कोयला संसाधनों से मूल्यवर्धित उत्पादों का निर्माण देश के औद्योगिक विकास को नई दिशा देगा।

कोयला मंत्रालय द्वारा चलाए जा रहे ये प्रयास विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को साकार करने के साथ-साथ ऊर्जा सुरक्षा, आर्थिक विकास और रोजगार सृजन के नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं।