31 वर्षों बाद नागालैंड में फिर शुरू होगा तेल एवं गैस उत्पादन, ऐतिहासिक त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर

31 वर्षों बाद नागालैंड में तेल एवं गैस उत्पादन फिर शुरू होने जा रहा है। पेट्रोलियम मंत्रालय, नागालैंड और असम सरकार के बीच हुए ऐतिहासिक त्रिपक्षीय समझौते से पूर्वोत्तर भारत में हाइड्रोकार्बन अन्वेषण और उत्पादन को नई गति मिलेगी। इस पहल से निवेश, रोजगार, बुनियादी ढांचे और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को महत्वपूर्ण बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

पूर्वोत्तर भारत के ऊर्जा क्षेत्र को मिली नई दिशा, हाइड्रोकार्बन अन्वेषण को मिलेगा बड़ा बढ़ावा

भारत के ऊर्जा क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में 31 वर्षों के अंतराल के बाद नागालैंड में फिर से तेल एवं गैस उत्पादन का मार्ग प्रशस्त हो गया है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय, नागालैंड सरकार और असम सरकार के बीच एक ऐतिहासिक त्रिपक्षीय समझौता (MoU) हस्ताक्षरित किया गया है, जिससे पूर्वोत्तर भारत में हाइड्रोकार्बन अन्वेषण एवं उत्पादन गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है।

इस अवसर पर केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री Hardeep Singh Puri ने कहा कि पूर्वोत्तर भारत ने देश के पेट्रोलियम उद्योग को जन्म दिया था और अब यह क्षेत्र भारत की ऊर्जा यात्रा के अगले अध्याय को आगे बढ़ाने के लिए तैयार है।

नए अन्वेषण क्षेत्र खुलने से बढ़ेगी घरेलू उत्पादन क्षमता

समझौते के तहत नागालैंड में नए हाइड्रोकार्बन बेसिनों में वाइल्डकैट (Wildcat) अन्वेषण का रास्ता खुलेगा। यह पहल प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में घरेलू तेल एवं गैस उत्पादन बढ़ाने और आयात निर्भरता कम करने की रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जा रही है।

विशेषज्ञों के अनुसार, असम देश के कुल कच्चे तेल भंडार का लगभग 22 प्रतिशत तथा प्राकृतिक गैस भंडार का लगभग 15 प्रतिशत हिस्सा रखता है। वहीं नागालैंड का नागा-शुप्पेन बेल्ट क्षेत्र, जो असम-अराकान बेसिन का हिस्सा है, हाइड्रोकार्बन संसाधनों की दृष्टि से अत्यंत संभावनाशील माना जाता है।

निवेशकों को मिलेगा भरोसा, परियोजनाओं को मिलेगी गति

यह समझौता केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah की उपस्थिति में संपन्न हुआ। समझौते का उद्देश्य संबंधित सरकारों के बीच सहयोग का एक स्पष्ट ढांचा तैयार करना है, जिससे निवेशकों को नीतिगत स्पष्टता और परिचालन स्थिरता मिल सके।

इससे:

  • निवेशकों का विश्वास बढ़ेगा।
  • नियामकीय समन्वय बेहतर होगा।
  • परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी।
  • दीर्घकालिक निवेश निर्णयों को प्रोत्साहन मिलेगा।

पूर्वोत्तर के आर्थिक विकास को मिलेगा बढ़ावा

केंद्रीय मंत्री ने इस पहल के लिए नागालैंड के मुख्यमंत्री Neiphiu Rio और असम के मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma की सराहना करते हुए कहा कि दोनों राज्यों ने क्षेत्र और देश के व्यापक हित में आगे बढ़कर समाधान का मार्ग प्रशस्त किया है।

तेल एवं गैस गतिविधियों की पुनर्बहाली से:

  • प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे।
  • स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा।
  • सड़क, बिजली और अन्य बुनियादी ढांचे का विकास होगा।
  • ठेकेदारों, सेवा प्रदाताओं और छोटे व्यवसायों के लिए नए अवसर पैदा होंगे।
  • पूर्वोत्तर क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।

ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

विशेषज्ञों का मानना है कि नागालैंड में तेल एवं गैस उत्पादन की वापसी न केवल पूर्वोत्तर भारत के लिए बल्कि पूरे देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी। घरेलू उत्पादन में वृद्धि से आयातित हाइड्रोकार्बन पर निर्भरता कम होगी और भारत के ऊर्जा आत्मनिर्भरता मिशन को मजबूती मिलेगी।