Coal India Limited ने FY26 की चौथी तिमाही (Q4) में ₹10,839 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो साल-दर-साल 11.1% अधिक है।
हालांकि, पूरे वित्त वर्ष FY26 में कंपनी का मुनाफा 12% घटकर ₹31,094 करोड़ रह गया।
Q4 में मुनाफा क्यों बढ़ा?
Q4 में मुनाफे की बढ़त मुख्य रूप से रेट्रोस्पेक्टिव अकाउंटिंग एडजस्टमेंट के कारण हुई।
- कोयला लेवी (Coal Levies) की गणना में बदलाव
- एजेंट से प्रिंसिपल आधार पर अकाउंटिंग शिफ्ट
- पहले से वसूले गए टैक्स को रेवेन्यू के रूप में दिखाया गया
इस गैर-ऑपरेशनल बदलाव ने तिमाही मुनाफे को बढ़ा दिया, जिससे वास्तविक प्रदर्शन का आकलन कठिन हो गया।
सालाना प्रदर्शन में गिरावट
FY26 में कंपनी के ऑपरेशनल आंकड़े कमजोर रहे:
- नेट प्रॉफिट: ₹31,094 करोड़ (↓12%)
- रेवेन्यू: ₹1.68 लाख करोड़ (हल्की गिरावट)
- प्रोडक्शन: 768.19 MT (FY25: 781.06 MT)
- सेल्स: 744.88 MT (FY25: 762.98 MT)
यह स्पष्ट करता है कि ग्रोथ वॉल्यूम के बजाय अकाउंटिंग बदलाव से आई
आयात घटाने की चुनौती
Coal India Limited ने अगले 10 वर्षों में 243 MT कोयला आयात कम करने का लक्ष्य रखा है।
लेकिन चुनौतियां:
- स्टील सेक्टर में मांग तेजी से बढ़ रही है
- भारत अपनी लगभग 90% कोकिंग कोल जरूरत आयात करता है
- घरेलू उच्च गुणवत्ता वाले कोयले की कमी
एनालिस्ट की राय
विश्लेषकों की राय बंटी हुई है:
- Motilal Oswal Financial Services:
- ‘Buy’ रेटिंग
- टारगेट: ₹530
- 4% वॉल्यूम ग्रोथ का अनुमान
- JM Financial:
- ‘Reduce’ रेटिंग
- कमजोर बिक्री और कीमतों पर चिंता
- Systematix Institutional Equities:
- ऑपरेटिंग प्रॉफिट और रेवेन्यू में गिरावट की आशंका
वैल्यूएशन और जोखिम
- शेयर प्राइस: ~₹456 (अप्रैल 2026)
- P/E रेशियो: ~9.41 (10 साल औसत से अधिक)
- FY26 डिविडेंड: ₹5.25 प्रति शेयर
प्रमुख जोखिम:
- उत्पादन और बिक्री में गिरावट
- सरकारी नीतियों पर निर्भरता
- प्रतिस्पर्धियों से पिछड़ने का खतरा
डायवर्सिफिकेशन रणनीति
Coal India Limited अब:
- रिन्यूएबल एनर्जी में निवेश
- क्रिटिकल मिनरल्स की खोज
- कोल प्रोसेसिंग क्षमता बढ़ाने पर काम कर रही है
Q4 का मुनाफा बढ़ना सकारात्मक संकेत है, लेकिन यह मुख्य रूप से अकाउंटिंग बदलाव का परिणाम है। वास्तविक ऑपरेशनल प्रदर्शन में गिरावट चिंता का विषय बनी हुई है।
