भारत के समुद्री अवसंरचना क्षेत्र को बड़ा बढ़ावा देते हुए Cochin Shipyard Limited (CSL) को गुजरात के वडिनार में अत्याधुनिक शिप रिपेयर सुविधा स्थापित करने की मंजूरी मिल गई है। इस परियोजना को Cabinet Committee on Economic Affairs से स्वीकृति मिली है और यह Deendayal Port Authority (DPA) के साथ संयुक्त रूप से विकसित की जाएगी।
समुद्री क्षमता को मिलेगा बड़ा विस्तार
वडिनार में बनने वाली यह सुविधा भारत के शिप रिपेयर इकोसिस्टम को मजबूत करेगी। इसकी खासियत यह है कि यहां 300 मीटर तक लंबी बड़ी जहाजों (vessels) की मरम्मत संभव होगी, जबकि वर्तमान में देश में 230 मीटर से बड़े जहाजों की मरम्मत की सीमित क्षमता है।
निवेश और परियोजना संरचना
इस परियोजना की कुल लागत ₹1,570 करोड़ है:
- DPA द्वारा ₹650 करोड़ – जेट्टी एवं सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर
- CSL द्वारा ₹920 करोड़ – फ्लोटिंग ड्राई डॉक और संचालन
परियोजना को 36 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
रणनीतिक लोकेशन का फायदा
वडिनार की भौगोलिक स्थिति इसे और भी महत्वपूर्ण बनाती है:
- गहरे समुद्री ड्राफ्ट (Deep Draft) की उपलब्धता
- प्रमुख पोर्ट्स जैसे मुंद्रा और कांडला के पास
- विदेशी जहाजों के लिए भी उपयुक्त
आर्थिक और औद्योगिक प्रभाव
यह परियोजना कई स्तरों पर लाभ पहुंचाएगी:
- विदेशी शिपयार्ड पर निर्भरता कम होगी
- विदेशी मुद्रा (Forex) का बचाव
- लगभग 290 प्रत्यक्ष और 1,100 अप्रत्यक्ष रोजगार सृजन
- Maritime India Vision 2030 को मिलेगा बल
