Delhi Metro Rail Corporation (DMRC) ने अपनी ब्लू लाइन ट्रेनों के लिए मिड-लाइफ रिफर्बिशमेंट (अपग्रेड) कार्यक्रम शुरू किया है। इस पहल का उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षा, आराम और यात्रा अनुभव को बेहतर बनाना है। इसके तहत पुरानी ट्रेनों को आधुनिक तकनीक और नई सुविधाओं से लैस किया जा रहा है।
🚆 चरणबद्ध तरीके से हो रहा अपग्रेड
DMRC इस कार्यक्रम के तहत रेड और ब्लू लाइन की कुल 70 ट्रेनों का नवीनीकरण कर रहा है।
- पहले चरण में 12 ट्रेनें अपग्रेड की जा चुकी हैं
- दूसरे चरण में 18 ट्रेनों का कार्य पूरा हो चुका है
- तीसरे चरण में 22 ब्लू लाइन ट्रेनों को नवंबर 2027 तक अपग्रेड किया जाएगा
ये ट्रेनें 2002 से 2007 के बीच शुरू की गई थीं और अब लगभग 19–24 साल की सेवा पूरी कर चुकी हैं।
अधिकारियों ने किया निरीक्षण
DMRC के प्रबंध निदेशक Vikas Kumar ने तीसरे चरण की पहली रिफर्बिश्ड ट्रेन का निरीक्षण किया। अब तक कुल 31 ट्रेनों को अपग्रेड किया जा चुका है।
आधुनिक तकनीक से लैस होंगी ट्रेनें
रिफर्बिशमेंट के तहत ट्रेनों के इंटीरियर और तकनीकी सिस्टम दोनों में सुधार किया जा रहा है।
- कोच और ड्राइवर केबिन को नया रूप दिया गया
- इलेक्ट्रिकल पैनल अपग्रेड किए गए
- IP आधारित Passenger Announcement System (PA-PIS) लगाया गया
- CCTV और LCD डिस्प्ले के साथ Dynamic Route Map (DRM) जोड़ा गया
इनसे यात्रियों को रीयल-टाइम जानकारी और बेहतर सुरक्षा मिलेगी।
सुरक्षा में बड़ा सुधार
यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हर कोच में नया Fire Detection System लगाया गया है, जिसमें स्मोक और हीट डिटेक्टर शामिल हैं। साथ ही पुराने MCB और रिले को आधुनिक सिस्टम से बदला गया है।
यात्रियों के लिए नई सुविधाएं
ट्रेनों में मोबाइल और लैपटॉप चार्जिंग पॉइंट भी लगाए गए हैं। इसके अलावा नए केबल और कनेक्टर्स जोड़े गए हैं ताकि भविष्य में भी आसानी से अपग्रेड किया जा सके।
DMRC की यह पहल पुरानी ट्रेनों को आधुनिक मानकों के अनुरूप बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे दिल्ली मेट्रो की सेवाएं और अधिक सुरक्षित, भरोसेमंद और यात्री-हितैषी बनेंगी।
