हैदराबाद: भारत के ऊर्जा क्षेत्र में नवाचार, स्टार्टअप और तकनीकी समाधानों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत GAIL (India) Limited, Petronet LNG Limited और MC² Foundation ने IIT Hyderabad के iTIC Incubator के सहयोग से ‘MC² Plus IGNITE Hyderabad Connect’ का आयोजन किया। कार्यक्रम का उद्देश्य ऊर्जा क्षेत्र में नवाचार और उद्यमिता को गति देना तथा स्टार्टअप, अकादमिक संस्थानों और उद्योग के बीच सहयोग को मजबूत करना था।
कार्यक्रम में ऊर्जा क्षेत्र के उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, स्टार्टअप्स, उद्यमियों, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और तकनीकी विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में GAIL के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक दीपक गुप्ता, Petronet LNG के MD एवं CEO अक्षय कुमार सिंह, IIT Hyderabad के निदेशक प्रो. बी. एस. मूर्ति और GAIL के निदेशक (HR) आयुष गुप्ता सहित कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं।
ऊर्जा क्षेत्र में स्टार्टअप और उद्योग को एक मंच पर लाने की पहल
MC² Plus IGNITE का उद्देश्य ऊर्जा क्षेत्र की वास्तविक चुनौतियों के समाधान के लिए स्टार्टअप, शोध संस्थानों, अकादमिक जगत और तेल एवं गैस उद्योग को एक साझा मंच उपलब्ध कराना है।
GAIL CMD दीपक गुप्ता ने कहा कि भारत ऐसे महत्वपूर्ण दौर में है जहां ऊर्जा की बढ़ती मांग के साथ देश को विकसित अर्थव्यवस्था बनने, सस्ती एवं विश्वसनीय ऊर्जा उपलब्ध कराने, वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी उद्योग विकसित करने और जलवायु प्रतिबद्धताओं को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ना है।
उन्होंने कहा कि MC² IGNITE स्टार्टअप्स, अकादमिक संस्थानों, शोध संगठनों और तेल एवं गैस उद्योग को एक मंच पर लाकर विचारों को प्रयोगशाला से प्रोटोटाइप, पायलट, व्यावसायिक उपयोग और बड़े पैमाने पर तैनाती तक पहुंचाने में मदद कर सकता है।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी नवाचार की सफलता का वास्तविक आकलन उसके सफल क्रियान्वयन और जमीन पर पड़ने वाले प्रभाव से होना चाहिए।
Digital Asset Management पर रहा विशेष फोकस
Hyderabad edition में Digital Asset Management को प्रमुख विषय बनाया गया। कार्यक्रम में इस बात पर चर्चा हुई कि Artificial Intelligence (AI), Machine Learning (ML), advanced analytics, sensors, robotics, drones और digital twins जैसी तकनीकों की मदद से पारंपरिक ऊर्जा अवसंरचना को अधिक स्मार्ट और कुशल बनाया जा सकता है।
दीपक गुप्ता ने ऊर्जा क्षेत्र में पारंपरिक रखरखाव प्रणाली से आगे बढ़कर prescriptive maintenance की दिशा में जाने की आवश्यकता पर जोर दिया। इसका उद्देश्य तकनीक के माध्यम से संभावित खराबियों का पहले से अनुमान लगाने के साथ-साथ उचित समाधान की सिफारिश करना भी है।
उन्होंने ऊर्जा क्षेत्र में तकनीकी आत्मनिर्भरता, दक्षता, ऊर्जा सुरक्षा और टिकाऊ विकास को महत्वपूर्ण प्राथमिकताएं बताया।
Petronet LNG ने AI और Robotics की संभावनाओं को रेखांकित किया
Petronet LNG के MD एवं CEO अक्षय कुमार सिंह ने MC² Plus IGNITE को ऊर्जा उद्योग और भारत के स्टार्टअप एवं इनोवेशन इकोसिस्टम के बीच महत्वपूर्ण कड़ी बताया।
उन्होंने कहा कि AI, advanced sensors, robotics और digital twins जैसी तकनीकें LNG अवसंरचना को अधिक स्मार्ट, सुरक्षित, विश्वसनीय और कुशल बनाने में मदद कर सकती हैं।
उन्होंने LNG regasification के दौरान उत्पन्न होने वाली cold energy के व्यावसायिक उपयोग की संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला। इसका इस्तेमाल data centres, cold storage और air separation units जैसे क्षेत्रों में किया जा सकता है।
इसके अलावा compressed biogas (CBG) की yield बढ़ाने और उससे जुड़े value-added by-products को बेहतर बनाने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।
IIT Hyderabad ने Industry-Academia Collaboration पर दिया जोर
IIT Hyderabad के निदेशक प्रो. बी. एस. मूर्ति ने नवाचार को संस्थान के प्रमुख क्षेत्रों में से एक बताया। उन्होंने शोध और तकनीकी विचारों को वास्तविक दुनिया में उपयोगी समाधान में बदलने के महत्व पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि MC² Plus जैसी पहल उद्योग, अकादमिक जगत और स्टार्टअप्स को एक साथ लाकर ऊर्जा क्षेत्र की महत्वपूर्ण चुनौतियों के समाधान के लिए सहयोग का अवसर प्रदान करती है। IIT Hyderabad अपने faculty expertise, research capabilities और institutional infrastructure के माध्यम से ऐसे नवाचारों को आगे बढ़ाने में योगदान दे रहा है।
शुरुआती स्टार्टअप्स को ₹1.5 करोड़ तक की फंडिंग
MC² Plus कार्यक्रम के तहत चयनित स्टार्टअप्स को वित्तीय सहायता के साथ-साथ mentorship, technical expertise, pilot opportunities और industry networks उपलब्ध कराए जाएंगे।
कार्यक्रम के अनुसार, चयनित स्टार्टअप्स को ₹50 लाख तक convertible funding और ₹1.5 करोड़ तक milestone-based funding मिल सकती है। MC² Plus का लक्ष्य 30 उच्च क्षमता वाले शुरुआती चरण के स्टार्टअप्स को सहयोग प्रदान करना है।
इससे स्टार्टअप्स को ऊर्जा क्षेत्र की वास्तविक औद्योगिक समस्याओं पर काम करने और अपने समाधानों को पायलट स्तर से व्यावसायिक स्तर तक ले जाने का अवसर मिलेगा।
MC² Plus के सात प्रमुख क्षेत्र
MC² Foundation के CEO सandeep Maheshwari के अनुसार, MC² Plus भारत का प्रमुख energy innovation accelerator है, जिसे पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय (MoPNG) की परिकल्पना के अनुरूप प्रमुख ऊर्जा क्षेत्र की संस्थाओं के सहयोग से विकसित किया गया है।
कार्यक्रम में सात प्रमुख प्राथमिक क्षेत्रों पर फोकस किया गया है:
- Digital Asset Management
- AI-Driven Subsurface Intelligence
- Next-Generation Drilling & Well Completion
- Refinery Process Intensification & Catalysis
- Bio-Energy और Compressed Biogas (CBG)
- Hydrogen & Mobility
- अन्य ऊर्जा क्षेत्र संबंधी नवाचार
Hyderabad Connect के जरिए स्टार्टअप्स और innovators को उद्योग जगत के प्रमुख लोगों से सीधे संवाद करने तथा MC² Plus accelerator के अवसरों को समझने का मंच मिला।
स्टार्टअप इकोसिस्टम पर पैनल चर्चा
कार्यक्रम में innovation और startup ecosystem पर एक विशेष panel discussion भी आयोजित की गई। इसमें विभिन्न स्टार्टअप और technology companies के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
चर्चा में उभरती तकनीकों, उद्यमिता के अवसरों और ऊर्जा क्षेत्र की वास्तविक समस्याओं के समाधान में startup-industry collaboration की भूमिका पर विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम में छात्रों, उद्यमियों, स्टार्टअप्स, उद्योग विशेषज्ञों और अन्य stakeholders की सक्रिय भागीदारी रही।
Avinya’27 और India Energy Week 2027 पर भी चर्चा
कार्यक्रम के दौरान IIT Hyderabad की ओर से innovation और entrepreneurship को बढ़ावा देने तथा research ideas को प्रभावी समाधानों में बदलने पर एक विशेष session आयोजित किया गया।
इसके अलावा Federation of Indian Petroleum Industry (FIPI) ने Avinya’27, Energy Start-up Challenge और India Energy Week 2027 से संबंधित प्रस्तुति भी दी।
ऊर्जा क्षेत्र में तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम
MC² Plus IGNITE Hyderabad Connect ने ऊर्जा क्षेत्र में उद्योग, academia और startups के बीच सहयोग की संभावनाओं को मजबूत करने का मंच उपलब्ध कराया। कार्यक्रम में इस बात पर जोर रहा कि भारत की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए केवल नई तकनीक विकसित करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें वास्तविक औद्योगिक परिस्थितियों में लागू करना और बड़े पैमाने पर उपयोगी बनाना भी जरूरी है।
GAIL, Petronet LNG, IIT Hyderabad और MC² Foundation की यह पहल ऊर्जा क्षेत्र में innovation, technology adoption, startup funding और industry-academia collaboration को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।