GOBARdhan Scheme Launch: ₹23,731 करोड़ की योजना से CBG सेक्टर को नई ताकत

भारत में Compressed Biogas यानी CBG के उत्पादन और इसके पूरे इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए GOBARdhan Scheme को आज नई राष्ट्रीय व्यवस्था के रूप में लॉन्च किया गया। ₹23,731 करोड़ के परिव्यय वाली इस योजना का उद्देश्य देश में CBG उत्पादन को बढ़ावा देना और इसके लिए लंबी अवधि का मजबूत बाजार एवं वित्तीय ढांचा तैयार करना है।

नई योजना के तहत कृषि अवशेष, गोबर और अन्य जैविक कचरे को स्वच्छ ऊर्जा, जैविक खाद और ग्रामीण आर्थिक अवसरों में बदलने पर जोर दिया गया है।

GOBARdhan Scheme launch Bharat Mandapam CBG India

Bharat Mandapam में GOBARdhan Handbook और Portal लॉन्च

नई दिल्ली के Bharat Mandapam में आयोजित कार्यक्रम में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने GOBARdhan Handbook और Unified GOBARdhan Portal का अनावरण किया।

कार्यक्रम में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव डॉ. नीरज मित्तल ने योजना के विजन और संभावित लाभों पर जानकारी दी। वहीं मंत्रालय के Joint Secretary आलोक त्रिपाठी ने GOBARdhan Scheme की प्रमुख विशेषताओं को सामने रखा।

इस पहल का उद्देश्य CBG को भारत के मौजूदा ऊर्जा परिदृश्य में अधिक मजबूत भूमिका देना और भविष्य के Energy Mix में इसकी हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए एक व्यवस्थित ढांचा तैयार करना है।

GOBARdhan Scheme में छह बड़े Interventions

नई राष्ट्रीय योजना के तहत CBG सेक्टर को मजबूत करने के लिए छह प्रमुख हस्तक्षेप शामिल किए गए हैं।

Assured Offtake: CBG उत्पादकों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए ऑफटेक की व्यवस्था की जाएगी। इससे परियोजनाओं के लिए बाजार जोखिम कम करने में मदद मिल सकती है।

Stable Pricing: CBG के लिए सरकार समर्थित administered price व्यवस्था लाई गई है। योजना के तहत ₹2,110/MMBTU का CBG मूल्य रखा गया है और इसके लिए न्यूनतम 10 साल का horizon दिया गया है।

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Capital Assistance: पात्र CBG परियोजनाओं को पूंजीगत सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इसके तहत सहायता ₹2 करोड़ प्रति TPD तक हो सकती है।

Pipeline Infrastructure: CBG प्लांट और बाजार के बीच बेहतर कनेक्टिविटी के लिए पाइपलाइन इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा दिया जाएगा।

Credit Guarantee: परियोजनाओं के लिए वित्तीय संस्थानों से कर्ज हासिल करना आसान बनाने के उद्देश्य से Credit Guarantee का प्रावधान किया गया है।

Ecosystem Challenge Fund: तकनीक, नवाचार और CBG इकोसिस्टम के विकास के लिए Challenge Fund की व्यवस्था की गई है।

10 साल तक लागू होगी योजना

GOBARdhan Scheme का कार्यान्वयन वित्त वर्ष 2026-27 से 2035-36 तक किया जाएगा। योजना के तहत eligible projects को 100% तक offtake assurance मिल सकता है।

लंबी अवधि की ऑफटेक व्यवस्था और मूल्य समर्थन CBG परियोजनाओं के लिए निवेश की योजना बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। वहीं capital assistance और credit guarantee से नई परियोजनाओं के लिए वित्तीय बाधाओं को कम करने का प्रयास किया गया है।

Annadata से Urjadata तक

GOBARdhan Scheme का फोकस केवल CBG उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं है। कृषि अवशेष और पशु अपशिष्ट जैसे संसाधनों को उपयोगी ऊर्जा में बदलने के साथ organic manure का उत्पादन भी किया जा सकता है।

इससे किसानों, ग्रामीण उद्यमियों और CBG उद्योग के बीच एक व्यापक इकोसिस्टम विकसित करने का लक्ष्य है। कृषि क्षेत्र से निकलने वाले अवशेष और गोबर को आर्थिक संसाधन में बदलने से ग्रामीण क्षेत्रों में नए कारोबारी अवसर भी बन सकते हैं।

सरकार की इस पहल में “Annadata से Urjadata” की अवधारणा को प्रमुखता दी गई है। यानी किसान केवल कृषि उत्पादक ही नहीं, बल्कि देश की स्वच्छ ऊर्जा व्यवस्था में भागीदार भी बन सकते हैं।

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CBG सेक्टर के लिए नया Framework

₹23,731 करोड़ की GOBARdhan Scheme CBG सेक्टर के लिए मांग, कीमत, वित्त, इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीक को एक साथ जोड़ने वाला framework तैयार करती है। Assured Offtake से लेकर Credit Guarantee और Ecosystem Challenge Fund तक, योजना के छह interventions CBG value chain के अलग-अलग हिस्सों को कवर करते हैं।

आने वाले वर्षों में इस योजना का प्रभाव स्वच्छ ऊर्जा, कचरा प्रबंधन, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, कृषि अवशेषों के उपयोग और भारत के वैकल्पिक ईंधन बाजार पर देखा जा सकता है। योजना के दीर्घकालिक क्रियान्वयन से भारत के CBG ecosystem को बड़े स्तर पर विस्तार देने की दिशा में एक संगठित आधार तैयार हुआ है।